PM-KISAN की 24वीं किस्त में ₹4000 मिलने का दावा वायरल, सरकार ने बताई हकीकत; किसानों को दी ये सलाह
देशभर के किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 24वीं किस्त का इंतज़ार कर रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेज़ी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार ने पात्र किसानों के बैंक खातों में इस बार ₹4,000 की रकम भेज दी है। साथ ही, जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है, उनसे मोबाइल नंबर साझा करने की बात भी कही जा रही है। अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज, पोस्ट या लिंक आया है, तो उस पर भरोसा करने से पहले सावधान हो जाएँ।
दरअसल, पीएम-किसान की 23 किस्तें अब तक जारी की जा चुकी हैं और 24वीं किस्त अभी जारी नहीं हुई है। इसी बीच ₹4,000 की किस्त को लेकर वायरल हो रहे दावे पर कृषि मंत्रालय के आधिकारिक X हैंडल ‘एग्रीकल्चर इंडिया’ ने स्थिति स्पष्ट की है। 20 अगस्त को की गई पोस्ट में बताया गया कि पीएम-किसान की 24वीं किस्त के तहत ₹4,000 देने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में किसानों को इस तरह के दावों के साथ दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
₹4000 की किस्त का दावा फर्जी
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में किसानों को बताया जा रहा है कि पीएम-किसान की 24वीं किस्त के रूप में ₹4,000 उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि जिन लाभार्थियों को रकम नहीं मिली है, वे अपना मोबाइल नंबर भेजकर भुगतान की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं। ‘एग्रीकल्चर इंडिया’ ने इस दावे को फर्जी बताया है। आधिकारिक पोस्ट में साफ किया गया है कि पीएम-किसान की 24वीं किस्त के लिए ₹4,000 देने की ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।
अभी जारी नहीं हुई पीएम-किसान की 24वीं किस्त
पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम ₹2,000 तीन किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक योजना की 23 किस्तें जारी हो चुकी हैं और 24वीं किस्त का किसानों को इंतज़ार है। फिलहाल 24वीं किस्त जारी होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे ₹4,000 भुगतान के दावे को सही मानना किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल साझा न करें
ऐसे फर्जी संदेशों के ज़रिए साइबर ठगी करने वाले लोग किसानों से मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी या दूसरी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया पोस्ट के कहने पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। खासकर ऐसे लिंक से सावधान रहें, जिन पर क्लिक करने के बाद पीएम-किसान का स्टेटस चेक करने या भुगतान पाने के नाम पर मोबाइल नंबर, ओटीपी या बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जाए।
सरकारी योजना की जानकारी कहाँ से लें?
किसी भी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के बजाय संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। अगर किसी मैसेज में जल्दी पैसा मिलने, अतिरिक्त किस्त या लाभ पाने का दावा किया गया है और साथ में कोई संदिग्ध लिंक दिया गया है, तो उसे खोलने से बचें। व्हाट्सऐप, फेसबुक या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिले अनजान लिंक, वीडियो या फाइल को भी बिना पुष्टि के न खोलें। किसानों को अपने मोबाइल में ऑटो-डाउनलोड जैसी सुविधाओं को भी सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि अनजान स्रोतों से भेजी गई संदिग्ध फाइलें अपने आप डाउनलोड न हों।