PM मोदी ने किया मुर्रा भैंस का ज़िक्र, जानिए क्यों इसे कहते हैं 'ब्लैक गोल्ड', कितना देती है दूध और कितनी होती है कीमत
हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित हरियाणा, विकसित भारत' रैली को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने हरियाणवी में "राम-राम" कहकर की और जींद से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं। पीएम मोदी ने कहा कि वह संगठन के काम से कई दशक पहले पहली बार जींद आए थे और यहां के लोगों का अपनापन आज भी नहीं भूले हैं। उन्होंने जींद की प्रसिद्ध मुर्रा भैंस के दूध-दही और घी, देसी बूरा तथा घेवर का भी ज़िक्र किया।
पीएम मोदी के भाषण के बाद एक बार फिर मुर्रा भैंस चर्चा में आ गई। भारतीय डेयरी सेक्टर में 'ब्लैक गोल्ड' यानी 'काला सोना' कहलाने वाली यह भैंस देश की सबसे अधिक दूध देने वाली नस्लों में गिनी जाती है। हरियाणा की यह नस्ल आज न सिर्फ किसानों और पशुपालकों की कमाई का बड़ा ज़रिया बन चुकी है, बल्कि विदेशों में भी इसकी अच्छी मांग है। आइए जानते हैं कि मुर्रा भैंस इतनी खास क्यों मानी जाती है, यह कितना दूध देती है, इसकी कीमत कितनी होती है और इसकी पहचान कैसे की जाती है।
क्यों खास है मुर्रा भैंस, कितना देती है दूध?
मुर्रा भैंस मूल रूप से हरियाणा के रोहतक, जींद और हिसार जिलों के अलावा पंजाब के कुछ इलाकों की प्रमुख नस्ल है। हालांकि, आज यह देश के लगभग सभी राज्यों में डेयरी फार्मिंग के लिए पाली जा रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी अधिक दूध उत्पादन क्षमता और बेहतर गुणवत्ता वाला दूध है। एक स्वस्थ मुर्रा भैंस प्रतिदिन 15 से 25 लीटर तक दूध दे सकती है। यदि नस्ल शुद्ध हो और देखभाल अच्छी हो तो यह उत्पादन 30 लीटर प्रतिदिन तक पहुँच सकता है।
पशुपालन विभाग के अनुसार, एक ब्यात (Lactation Period) यानी बच्चा देने के बाद लगभग 9 से 10 महीने की अवधि में मुर्रा भैंस 1,500 से 2,500 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है। इसके दूध में 7 से 8 प्रतिशत तक वसा (फैट) होती है। यही वजह है कि इससे अधिक मात्रा में घी, मक्खन, मावा और अन्य डेयरी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इसी कारण डेयरी व्यवसाय करने वाले पशुपालकों के बीच इसकी मांग सबसे अधिक रहती है।
कितनी होती है कीमत और कैसे करें मुर्रा भैंस की पहचान?
मुर्रा भैंस की कीमत उसकी उम्र, दूध देने की क्षमता और नस्ल की शुद्धता पर निर्भर करती है। सामान्य मुर्रा भैंस की कीमत करीब 60 हजार रुपये से शुरू होकर 1 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं अधिक दूध देने वाली शुद्ध नस्ल की मुर्रा भैंस की कीमत 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये या इससे भी अधिक हो सकती है। राष्ट्रीय पशु मेलों में उत्कृष्ट नस्ल के मुर्रा झोटों (नर बछड़ों) और भैंसों की कीमत कई लाख रुपये तक पहुँच जाती है।
ऐसे करें मुर्रा भैंस की पहचान
• छोटे और जलेबी की तरह अंदर की ओर मुड़े हुए सींग
• चमकदार गहरा काला (जेट ब्लैक) रंग
• छोटा सिर, लंबी गर्दन और मजबूत शरीर
• पूँछ के सिरे पर सफेद बाल
• सामान्य भैंस की तुलना में अधिक आकर्षक और संतुलित शरीर संरचना
मुर्रा भैंस की अन्य खासियतें
• बेहतरीन रोग प्रतिरोधक क्षमता, इसलिए बीमार पड़ने की संभावना कम होती है।
• भारत की गर्म जलवायु और बदलते मौसम के अनुसार आसानी से खुद को ढाल लेती है।
• लंबा प्रजनन जीवन, अपने जीवनकाल में 10 से 12 बार तक बछड़ों को जन्म दे सकती है।
• अधिक दूध उत्पादन और ऊँची कीमत के कारण पशुपालकों के लिए लंबे समय तक मुनाफे का बेहतर स्रोत मानी जाती है।
इन्हीं खूबियों की वजह से मुर्रा भैंस को भारतीय डेयरी उद्योग में 'ब्लैक गोल्ड' कहा जाता है। अधिक दूध उत्पादन, उच्च फैट वाले दूध, मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर बाज़ार मूल्य के कारण यह आज भी किसानों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।