सीजेपी प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी का वीडियो संदेश, पेपर लीक पर बोले- फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट और सख़्त सज़ा का बिल लाएँगे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा। छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की गंभीरता को समझती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक के मामलों की तेज़ सुनवाई के लिए फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों और दोषियों के लिए सख़्त दंड का प्रावधान करने वाला विधेयक तैयार किया जा रहा है। उनके अनुसार, संबंधित विभागों ने मसौदा तैयार कर लिया है, जिस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा के बाद संसद में पेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक 28 जून से सीजेपी के आंदोलन में शामिल थे और परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकारी जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे। केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाक़ात के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फ़ैसला किया। उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पेपर लीक पर क्या बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, "साथियो, मैं जानता हूँ कि पेपर लीक कोई छोटा मुद्दा नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को अत्यंत पीड़ा पहुँची है।" उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में इस मामले में कई ठोस क़दम उठाए गए हैं। उनके अनुसार, "दोषियों को गिरफ़्तार किया गया है और वे जेल में हैं।
परीक्षाओं और परिणामों पर सरकार का पक्ष
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। उन्होंने कहा, "हमारी सबसे महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष नष्ट न हो। इसलिए परीक्षाओं का जल्द से जल्द आयोजन करना आवश्यक था।" उन्होंने बताया कि सरकार ने अपनी पूरी क्षमता लगाकर लगभग 22 लाख छात्रों की परीक्षाएँ न्यूनतम समय में संपन्न कराईं।
परिणामों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम घोषित किए जा चुके हैं और देशभर से सफल छात्रों के जश्न मनाने की ख़बरें आ रही हैं। उन्होंने कहा, "लेकिन हम उन लोगों में से नहीं हैं जो सिर्फ़ इसी से संतुष्ट हो जाएँ।"
फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों और नए विधेयक की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने संबंधित विभागों को फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों और सख़्त दंड से जुड़े प्रावधान तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया, "विभागों ने लगातार काम किया और देर रात तक फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों तथा सख़्त दंड का प्रावधान करने वाला मसौदा मुझे सौंप दिया।"
उन्होंने कहा कि इस मसौदे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और सहयोगी मंत्रियों के सुझाव शामिल करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संसद का दूसरा सप्ताह सोमवार से शुरू हो रहा है और सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी।
इस बीच, जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने की माँग कर रहे हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार झड़पें हुई हैं। मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है और कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार भी समय-समय पर बंद किए गए हैं।