Kerala: सब्ज़ियों की जाँच में बड़ा खुलासा, 1,262 नमूनों में 58 में मिला ज़हरीला कीटनाशक, कृषि मंत्री ने जैविक खेती पर दिया ज़ोर
केरल में सब्ज़ियों और दूसरे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कृषि विभाग की जाँच ने चिंता बढ़ा दी है। सरकारी प्रयोगशालाओं में लिए गए 1,262 नमूनों की जाँच में 58 नमूनों में कीटनाशकों और अन्य हानिकारक तत्वों की मात्रा ज़रूरत से ज़्यादा पाई गई। कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए सुरक्षित खेती और स्थानीय स्तर पर सब्ज़ियों के उत्पादन को बढ़ाने की ज़रूरत बताई।
सरकार अब इस समस्या से निपटने के लिए खेती को लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। स्कूलों में विद्यार्थियों को खेती से जोड़ने के साथ-साथ त्योहारों के दौरान सस्ती सब्ज़ियाँ उपलब्ध कराने के लिए भी राज्यभर में नए बाज़ार शुरू किए जाएंगे।
सरकारी लैब की जाँच में सामने आया मामला
वेल्लायनी, मन्नुथी समेत केरल की सरकारी प्रयोगशालाओं में खाद्य नमूनों की जाँच की गई। इनमें 58 नमूनों में कीटनाशकों और जहरीले तत्वों की मात्रा अधिक मिली। कृषि मंत्री ने सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने लोगों को अपनी उपलब्ध ज़मीन पर सब्ज़ियाँ उगाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी कही।
500 स्कूलों में शुरू होगी खेती की पहल
कृषि से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए राज्य सरकार ‘कथिर’ प्रोजेक्ट को इस साल 500 स्कूलों में लागू करेगी। प्रत्येक चयनित स्कूल को कृषि गतिविधियों के लिए ₹10,000 की सहायता दी जाएगी। स्कूलों में एक नोडल शिक्षक के साथ बैकअप समिति बनाई जाएगी। विद्यार्थियों को खेती की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा ‘कथिर क्लब’ भी बनाए जाएंगे। सरकार की योजना अगले साल तक राज्य के सभी स्कूलों में ऐसे क्लब शुरू करने की है। कृषि गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को वेटेज मार्क्स देने का प्रस्ताव भी शिक्षा विभाग के सामने रखा गया है। इस प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की जानकारी दी गई है।
ओणम से पहले 2,000 बाज़ारों की तैयारी
ओणम के दौरान सब्ज़ियों की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी रोकने के लिए कृषि विभाग पूरे राज्य में करीब 2,000 प्रत्यक्ष सब्ज़ी बाज़ार शुरू करेगा। इन बाज़ारों को वेजिटेबल एंड फ्रूट प्रमोशन काउंसिल केरलम और हॉर्टिकॉर्प के माध्यम से संचालित किया जाएगा। तिरुवनंतपुरम में त्योहार के लिए एक विशेष बाज़ार भी लगाया जाएगा। इसके अलावा सप्लाईको और कंज्यूमरफेड की व्यवस्था का इस्तेमाल भी किया जाएगा। सरकार ने इस पूरी पहल के लिए ₹10.5 करोड़ की राशि निर्धारित की है और संबंधित धनराशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने पर ज़ोर
सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है-खाद्य पदार्थों में हानिकारक रसायनों की मौजूदगी कम करना और लोगों को सुरक्षित सब्ज़ियाँ उपलब्ध कराना। इसके लिए जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ परिवारों को घरेलू स्तर पर खेती के लिए प्रेरित करने की योजना है।
कृषि मंत्री ने सरकारी योजनाओं को लागू करने में अधिकारियों की जवाबदेही पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय अधिकारियों को सरकार की नीतियों और तय दिशा के अनुसार काम करना होगा। सरकार के निर्देशों से अलग जाकर काम करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।