पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में हर महीने ₹2000 जमा कर बना सकते हैं 50 लाख से ज़्यादा का फंड, समझें पूरा कैलकुलेशन
गाँवों और छोटे शहरों में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं जिनकी आमदनी बहुत ज्यादा नहीं है। कोई खेती से थोड़ा-बहुत कमाता है, कोई मजदूरी करता है तो कोई छोटी नौकरी या दुकान से घर चलाता है। ऐसे परिवारों के लिए हर महीने बड़ी रकम बचाना आसान नहीं होता, लेकिन छोटी-छोटी बचत भी लंबे समय में बड़ा सहारा बन सकती है। इसी वजह से पोस्ट ऑफिस की पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF स्कीम आज भी लोगों के बीच काफी भरोसेमंद मानी जाती है। इसमें जोखिम कम होता है, पैसा सुरक्षित रहता है और धीरे-धीरे बड़ा फंड भी तैयार हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ 2000 रुपये जमा करता है तो लंबे समय में वही रकम 50 लाख रुपये से ज्यादा के फंड में बदल सकती है।
क्यों खास मानी जाती है PPF स्कीम?
PPF केंद्र सरकार समर्थित पोस्ट ऑफिस की लॉन्ग टर्म निवेश योजना है। इस वजह से इसे सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है। फिलहाल इस स्कीम पर 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कंपाउंडिंग के साथ जुड़ता रहता है। यानी हर साल सिर्फ मूल रकम पर ही नहीं, बल्कि पहले मिले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। यही वजह है कि लंबी अवधि में छोटी बचत भी बड़ा फंड बना देती है। इसके अलावा इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है। मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा और ब्याज भी टैक्स फ्री होता है।
हर महीने 2000 रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा?
अगर कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस PPF खाते में हर महीने 2000 रुपये यानी सालाना 24000 रुपये जमा करता है और लगातार निवेश बनाए रखता है, तो लंबे समय में बड़ा फंड तैयार हो सकता है।
Groww के PPF Calculator के अनुसार, 7.1 फीसदी ब्याज दर पर 40 साल तक निवेश जारी रखने पर कुल निवेश करीब 9.60 लाख रुपये होगा और कुल ब्याज करीब 43.05 लाख रुपये मिलेगा। यानी मैच्योरिटी पर कुल फंड करीब 52.65 लाख रुपये हो सकता है। इससे छोटी मासिक बचत भी समय के साथ बड़ा आर्थिक सहारा बन सकती है।
कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
पोस्ट ऑफिस PPF खाते में
- न्यूनतम 500 रुपये सालाना जमा करना जरूरी है
- अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है
निवेशक चाहें तो एकमुश्त पैसा जमा करें या किस्तों में, दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
कब निकाल सकते हैं पैसा?
PPF खाते की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। हालांकि कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है। खाता खुलने के पांच साल बाद जरूरत पड़ने पर कुछ रकम निकाली जा सकती है। वहीं गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा या NRI बनने जैसी परिस्थितियों में समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति भी दी जाती है। सबसे खास बात यह है कि 15 साल पूरे होने के बाद निवेशक खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं। निवेशक चाहें तो मैच्योरिटी पर पूरा पैसा निकाल लें या फिर निवेश जारी रखकर और बड़ा फंड तैयार करें।
क्यों तेजी से बढ़ रही है PPF की लोकप्रियता?
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और जोखिम के बीच PPF जैसी सरकारी स्कीमों पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
इसकी वजह साफ है:
- निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है
- टैक्स बचत का फायदा मिलता है
- लंबी अवधि में कंपाउंडिंग से बड़ा रिटर्न मिलता है
- रिटायरमेंट और भविष्य की जरूरतों के लिए मजबूत फंड तैयार होता है
यही कारण है कि आज भी लाखों लोग पोस्ट ऑफिस PPF खाते को अपने लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लान का अहम हिस्सा बना रहे हैं।