इस राज्य में मौसम विभाग का Red Alert, 70 KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई जिलों में ओलावृष्टि का खतरा
राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। पाली, टोंक, भीलवाड़ा समेत कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों तक राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी और कई इलाकों में तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
पाली, टोंक और भीलवाड़ा में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पाली, टोंक, भीलवाड़ा, अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का भी खतरा बना हुआ है।
जयपुर में बदला मौसम, बारिश से मिली राहत
राजधानी जयपुर में रविवार को मौसम काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। शहर में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी कम है। मौसम विभाग ने शाम के समय बारिश की संभावना अधिक बताई है।
21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, सीकर, अलवर, झुंझुनूं, करौली, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित 20 से अधिक जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है। कई क्षेत्रों में धूलभरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
70 KMPH तक चल सकती हैं हवाएं
IMD के अनुसार कुछ जिलों में तूफानी हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अलवर, भरतपुर, बीकानेर, चूरू, नागौर और आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
कई जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी
राजस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर और भरतपुर में पहले भी ओलावृष्टि दर्ज की जा चुकी है और अगले कुछ दिनों में फिर ऐसी स्थिति बन सकती है।
गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
पिछले सप्ताह जहां राजस्थान के कई जिलों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब बारिश और आंधी के कारण तापमान में 8 से 10 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री से नीचे बना रहेगा।
मौसम क्यों बदला?
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, मध्य पाकिस्तान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और ऊपरी हवा के दबाव तंत्र के कारण राजस्थान में मौसम तेजी से बदला है। यही सिस्टम आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
- कट चुकी फसल को खुले में न रखें।
- पशुओं को सुरक्षित शेड में बांधकर रखें।
- खेतों में स्प्रे और सिंचाई का काम फिलहाल टाल दें।
- बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करें।
- फल और सब्जी उत्पादक किसान पौधों को तेज हवाओं से बचाने की व्यवस्था करें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि राजस्थान में 4 से 5 जून तक आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा सकती हैं।