यूपी में फार्मर रजिस्ट्री का 82.69% लक्ष्य पूरा, 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, इन 2 ज़िलों में 100% लक्ष्य पूरा
उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने के लिए चलाया जा रहा फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज़ी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सीधे मिल सके। इसी अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।
अभियान के तहत गाज़ियाबाद और रामपुर ऐसे पहले ज़िले बन गए हैं, जहाँ फार्मर रजिस्ट्री का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। सरकार ने अभियान की गति बढ़ाते हुए सभी ज़िलों में तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ज़िला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा और वास्तविक किसानों तक सरकारी सहायता पहुँचाने में आसानी होगी।
5 नवंबर 2024 से शुरू हुआ अभियान
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 2,38,72,418 किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, शेष लक्ष्य अगले 90 दिनों के भीतर यानी 26 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। इसी उद्देश्य से योगी सरकार ने अभियान की रफ़्तार बढ़ा दी है और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की डिजिटल पहचान तैयार होने के बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुँचाना आसान होगा। साथ ही योजनाओं की निगरानी, लाभार्थियों की पहचान और कृषि क्षेत्र से जुड़ी नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में भी सहायता मिलेगी।
अंश निर्धारण का 87.53% कार्य पूरा, भूमि रिकॉर्ड होंगे अधिक पारदर्शी
फार्मर रजिस्ट्री अभियान के साथ-साथ प्रदेश सरकार भूमि रिकॉर्ड को भी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर ज़ोर दे रही है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेज़ी से किया जा रहा है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का 87.53 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सरकार का मानना है कि इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में ज़मीन से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग करने और डेटा आधारित कृषि नीतियाँ तैयार करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी। योगी सरकार डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है और फार्मर रजिस्ट्री अभियान को इसी व्यापक डिजिटल परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।