Litchi Stink Bug Attack: स्टिंग बग से फसल नुकसान पर बिहार में बनी एक्सपर्ट टास्क फोर्स, एक हफ्ते में देगी रिपोर्ट
बिहार के लीची उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। लीची की फसल को नुकसान पहुँचा रहे लीची स्टिंग बग (Litchi Stink Bug) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर पर जल्द कार्रवाई शुरू कर दी गई है। किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों और फसल नुकसान की ख़बरों के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल विशेषज्ञों की एक टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम प्रभावित जिलों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेगी और किसानों को राहत देने के उपाय सुझाएगी।
प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी विशेषज्ञ टीम
ICAR-राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर द्वारा 7 मई 2026 को जारी पत्र के अनुसार यह विशेष कार्यबल (Task Force) बिहार के लीची उत्पादक जिलों में जाकर स्टिंग बग के प्रकोप का अध्ययन करेगा। टीम यह पता लगाएगी कि कीट का असर किन क्षेत्रों में ज्यादा है और किसानों को कितना नुकसान हुआ है। इसके साथ ही वैज्ञानिक आधार पर फसल बचाने के उपायों पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
वैज्ञानिक, कीट विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल
इस टास्क फोर्स में ICAR-राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग, उद्यान विभाग और अन्य संबंधित संस्थानों के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम में कीट विज्ञान विशेषज्ञ भी होंगे, जो लीची स्टिंग बग से बचाव के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करेंगे। यह टीम किसानों को तात्कालिक राहत के साथ-साथ भविष्य में इस तरह की समस्या से बचने के लिए दीर्घकालिक समाधान भी सुझाएगी।
एक हफ्ते में रिपोर्ट, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
पत्र के मुताबिक विशेषज्ञ टीम को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर राज्य और केंद्र सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की मेहनत और फसल को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे ताकि लीची उत्पादन पर बड़ा असर न पड़े। बिहार देश के प्रमुख लीची उत्पादक राज्यों में शामिल है और मुजफ्फरपुर की लीची देशभर में मशहूर है।