प्याज किसानों के समर्थन में उतरे रोहित पवार, प्याज और भाकरी खाकर जताया विरोध, बोले- सरकार 25 रुपये किलो पर करे खरीद
महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार सोमवार को प्याज किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने मांग की कि सरकार किसानों से 25 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदे और जिन किसानों ने पहले कम दाम पर प्याज बेच दी है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। रोहित पवार ने पार्टी सांसद निलेश लंके और भास्कर भगारे के साथ नासिक के लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति में प्याज उत्पादक किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर रैली और धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया। लासलगांव देश के सबसे बड़े प्याज व्यापार केंद्रों में से एक माना जाता है।
प्याज और भाकरी खाकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान किसानों और नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से प्याज और भाकरी खाकर किसानों की बदहाल स्थिति की ओर ध्यान खींचने की कोशिश की। दरअसल पश्चिम एशिया संकट की वजह से प्याज निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में प्याज की कीमतें लगातार गिर रही हैं। पिछले शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार किसानों से 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदेगी।
“किसानों को लागत भी नहीं मिल रही”
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान रोहित पवार ने दावा किया कि महाराष्ट्र के प्याज किसान अपनी उत्पादन लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई किसानों को बेहद कम दाम पर प्याज बेचने के बाद अपनी जेब से परिवहन खर्च भी उठाना पड़ा। रोहित पवार के अनुसार प्याज उत्पादन की लागत 17 से 20 रुपये प्रति किलो के बीच आती है, जबकि किसानों को फिलहाल करीब 12.50 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “गंभीर अन्याय” बताया।
“सरकार सीधे किसानों से खरीदे प्याज”
रोहित पवार ने कहा कि सरकार को राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ यानी नेफेड के जरिए खरीद करने के बजाय मंडियों में सीधे किसानों से 25 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज खरीदना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों ने पहले बेहद कम दाम पर प्याज बेच दी है, उन्हें 15 से 20 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दी जाए।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
रोहित पवार ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने प्याज किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया और जल्द समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।