Sakib Hussain: गोपालगंज के गाँव से ईडन गार्डन्स तक का सफ़र, जूते दिलाने के लिए माँ ने बेचे गहने, साधारण परिवार से IPL तक पहुँचने की प्रेरणादायक कहानी
Sakib Hussain viral video: साकिब हुसैन की प्रेरणादायक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि उनका एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि उनके पास क्रिकेट खेलने के लिए जरूरी स्पाइक्स जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे। उन्होंने कहा था कि “अगर जूते खरीदेंगे तो खाने के पैसे कहाँ से आएंगे”, जिसके बाद उनकी माँ ने अपने गहने बेचकर उन्हें जूते दिलाए। यही भावुक वीडियो अब IPL 2026 में उनके शानदार डेब्यू के बाद फिर से वायरल हो गया है और लोगों का ध्यान उनकी मेहनत और परिवार के त्याग की ओर खींच रहा है।
संघर्ष, मेहनत और जुनून का एक बेहतरीन उदाहरण है साकिब
बिहार के गोपालगंज जिले से ताल्लुक रखने वाले युवा क्रिकेटर साकिब (नाम संदर्भानुसार) की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून का एक बेहतरीन उदाहरण है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले साकिब ने आर्थिक तंगी के बावजूद अपने क्रिकेट के सपने को कभी मरने नहीं दिया। वर्ष 2025 में उनका चयन एक बड़े मंच पर हुआ, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
शुरुआती दिनों में साकिब टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे। हर मैच के लिए उन्हें लगभग ₹500 से ₹1000 तक मिलते थे, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक मदद करते थे। यही छोटे-छोटे कदम उनके बड़े सपनों की नींव बने। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना मजबूत था कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी खेलना जारी रखा। साकिब का सपना भारतीय सेना में शामिल होने का भी था। सेना की भर्ती के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और रोजाना दौड़ लगाई। इसी दौरान उनकी फिटनेस और शारीरिक ताकत में काफी सुधार हुआ, जिसका फायदा उन्हें क्रिकेट में भी मिला। दौड़ ने उन्हें न केवल मजबूत बनाया, बल्कि खेल के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
जूते दिलाने के लिए माँ ने बेचे गहने
उनके संघर्ष की सबसे भावुक कहानी उनके जूतों से जुड़ी है। जब साकिब ने प्रोफेशनल क्रिकेट में कदम रखने की शुरुआत की, तो उन्हें स्पाइक्स जूतों की जरूरत पड़ी, जो गेंदबाजी के लिए जरूरी होते हैं। इन जूतों की कीमत लगभग ₹10,000 से ₹15,000 के बीच थी, जो उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी रकम थी। जब उन्होंने अपनी मां से जूतों के बारे में बताया, तो उनकी मां हैरान रह गईं। लेकिन बेटे के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने गहने बेचकर जूते दिलाए। यह त्याग साकिब के जीवन का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत बन गया।
साकिब का वायरल वीडियो
साकिब के चाचा अहमद हुसैन ने भी उनके संघर्ष को याद करते हुए कहा कि साकिब ने पहले ही कह दिया था कि वह एक दिन बड़ा खिलाड़ी बनेगा। परिवार के इस भरोसे और समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर आइपीएल की टीम KKR (Kolkata Knight Riders) का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें साकिब अपनी कहानी बता रहे हैं, परिवार वाले भावुक हैं। जिसका कैप्शन है:-
A story of hard work, resilience and inspiration! From Gopalganj to Eden Gardens…Sakib Hussain is a Knight!
अगर उनके प्रोफेशनल करियर की बात करें, तो 2024 में उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ₹20 लाख में खरीदा था, लेकिन उस सीजन में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। 2025 में भी वे टीम का हिस्सा रहे, लेकिन मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। हालांकि 2026 में हालात बदले और उन्हें आखिरकार खेलने का अवसर मिला, जहां उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा।
सीमित संसाधनों से सफलता कर की कहानी
साकिब की यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। परिवार का साथ, खुद पर विश्वास और लगातार मेहनत किसी भी खिलाड़ी को ऊंचाइयों तक पहुँचा सकती है। उनकी यात्रा न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारत के छोटे शहरों और गाँवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है-बस जरूरत है सही मौके और समर्थन की।