ICAR Advisory: बढ़ते तापमान में किसानों के लिए सलाह, जानिए कैसे फसलों की सिंचाई और कीट नियंत्रण का रखें ख्याल?
होली के बाद उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में किसानों की फसलों पर गर्मी और तेज हवाओं का असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) में क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने की। बैठक में प्रदेश के किसानों के लिए अगले दो सप्ताह को ध्यान में रखते हुए कई अहम सुझाव और परामर्श जारी किए गए, ताकि बढ़ते तापमान के बीच फसलों को सुरक्षित रखा जा सके और उत्पादन पर असर कम पड़े।
बढ़ते तापमान में नमी बनाए रखने की सलाह
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी कृषि जलवायु क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। तेज हवाओं के कारण खेतों की नमी जल्दी खत्म हो सकती है। ऐसे में किसानों को रबी फसलों में जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि फसल को पर्याप्त नमी मिलती रहे।
गेहूं की फसल के लिए खास सुझाव
देर से बोए गए गेहूं में इस समय दाना भरने की अवस्था चल रही है। ऐसे में फसल की अच्छी बढ़वार के लिए पोटैशियम नाइट्रेट का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा गेहूं में गेरूई और पत्ती धब्बा रोग के नियंत्रण के लिए प्रोपीकोनाजोल के प्रयोग की सलाह दी गई है, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
चना और अरहर में कीट नियंत्रण जरूरी
इस समय चने में फलीबेधक कीट और अरहर में फल मक्खी का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को समय-समय पर खेत की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर उचित कीटनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है।
सरसों की फसल में निगरानी जरूरी
सरसों की फसल में कीटों के हमले से बचाने के लिए कहा गया है कि अगर 40–50 प्रतिशत पौधों पर कीट का असर दिखाई दे या मुख्य तने के ऊपरी हिस्से पर 50–60 चेपा नजर आएं तभी छिड़काव किया जाए। ऐसी स्थिति में किसान एक एकड़ में 40 ग्राम थियामेथोक्साम या 400 मिलीलीटर डाइमेथोएट का प्रयोग कर सकते हैं।
जायद की फसलों के लिए अनुकूल मौसम
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान मौसम जायद की फसलों के लिए काफी अनुकूल है। किसान इस समय टमाटर, भिंडी, लोबिया और कद्दू वर्गीय सब्जियों की बुवाई कर सकते हैं। सही समय पर बुवाई करने से अच्छी पैदावार मिलने की संभावना रहती है।
गन्ने के साथ मूंग और लोबिया की खेती
बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए उन्नत किस्मों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि लाल सड़न रोग से प्रभावित किस्म 0238 की बुवाई न करें। इसके साथ ही गन्ने के साथ उर्द, मूंग या लोबिया की अंतःफसल लगाने से अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है।
आम के बौर की सुरक्षा के उपाय
उद्यानिकी फसलों के लिए जारी सलाह में कहा गया है कि इस समय आम के पेड़ों पर बौर आना शुरू हो जाता है। ऐसे में कीट और खर्रा रोग से बचाव के लिए समय पर निगरानी और जरूरी उपचार करना जरूरी है।
पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए भी सलाह
बैठक में पशुपालकों को एफएमडी (मुंह-खुर रोग) के निशुल्क टीकाकरण का लाभ उठाने की सलाह दी गई है, ताकि पशुओं को बीमारी से बचाया जा सके। वहीं मत्स्य पालकों को कॉमन कार्प और पंगेशियस मछली के बीज का संचय करने की सलाह दी गई है, जिससे आगामी सीजन में उत्पादन बढ़ाया जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी
इधर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी बताया है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। ऐसे में किसानों को फसलों की नियमित निगरानी, समय पर सिंचाई और कीट प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव के बीच अगर किसान समय पर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अपनाते हैं तो फसलों को नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है।