हरियाणा सरकार ने बदले सोलर योजना के नियम, अब मिलेगी ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता, जानें कौन उठा सकेगा लाभ

Gaon Connection | Jun 25, 2026, 12:56 IST
हरियाणा सरकार ने सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (एसयूपीवाई) के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र की सब्सिडी के अलावा ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। योजना के संशोधित प्रावधानों के तहत पात्रता की शर्तें आसान की गई हैं। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य ने 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है।

हरियाणा सरकार राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग का दायरा लगातार बढ़ा रही है। इसी दिशा में सरकार ने 'सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (एसयूपीवाई)' को लागू किया है, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे लोगों की शुरुआती लागत कम होगी, बिजली बिल में बचत होगी और राज्य में बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने को प्रोत्साहन मिलेगा।



हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है।



घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता

अनिल विज ने कहा कि योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा चरणबद्ध तरीके से ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं पर शुरुआती निवेश का बोझ कम होगा और उन्हें बिजली बिल में भी उल्लेखनीय बचत होगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत गैर-डिफॉल्टर उपभोक्ताओं, राज्य सरकार के कर्मचारियों और अंत्योदय परिवारों को विशेष लाभ दिए जाएँगे।



5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की सुविधा

अनिल विज ने बताया कि पात्र उपभोक्ता 5 किलोवाट क्षमता तक के रूफटॉप सोलर प्लांट लगा सकेंगे। वहीं, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के पात्र परिवारों को राज्य वित्तीय सहायता (एसएफए) भी उपलब्ध कराई जाएगी।



आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाया गया है। उपभोक्ता डिस्कॉम पोर्टल पर अपनी पात्रता की जाँच कर सकेंगे और राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकेंगे।



तीन वर्ष तक नियमित बिल भुगतान की शर्त हटाई गई

अनिल विज ने कहा कि योजना के संशोधित प्रावधानों के तहत श्रेणी-1 के उपभोक्ताओं के लिए लगातार तीन वर्षों तक बिजली बिल नियमित रूप से जमा करने की अनिवार्य शर्त हटा दी गई है। उन्होंने कहा कि अब आवेदन के समय केवल पिछले बिलिंग चक्र में गैर-डिफॉल्टर होना ही पर्याप्त होगा। इससे अधिक संख्या में घरेलू उपभोक्ता 5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर प्लांट के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के पात्र बन सकेंगे।



सरकारी कर्मचारियों और अंत्योदय परिवारों को भी मिलेगा लाभ

अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार, बोर्ड, निगम और अन्य संस्थानों के कर्मचारी, जिनमें हरियाणा कौशल रोज़गार निगम (एचकेआरएन) के नौकरी सुरक्षा प्राप्त कर्मचारी भी शामिल हैं, यदि पिछले बिलिंग चक्र में गैर-डिफॉल्टर हैं तो वे भी योजना का लाभ ले सकेंगे। ऐसे कर्मचारी 5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों को 2 किलोवाट क्षमता तक के रूफटॉप सोलर प्लांट के लिए राज्य वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

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