हरियाणा में सूरजमुखी खरीद की तैयारी तेज, 5 जिलों में बनाए गए 17 खरीद केंद्र, MSP 7,721 रुपये तय
हरियाणा सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी की सरकारी खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने में सुविधा देने के लिए राज्य के पाँच जिलों में 17 खरीद केंद्र घोषित किए गए हैं। सरकार ने इस बार सूरजमुखी का MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
किन जिलों में बनाए गए खरीद केंद्र?
सरकारी निर्देशों के अनुसार अंबाला और कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा सात-सात खरीद केंद्र बनाए गए हैं। वहीं करनाल, पंचकूला और यमुनानगर में एक-एक केंद्र स्थापित किया गया है। इन केंद्रों पर किसानों की उपज की सरकारी खरीद की जाएगी।
अंबाला जिले- में अंबाला सिटी, अंबाला कैंट, बराड़ा, मुलाना, शाहजादपुर, साहा और नारायणगढ़ मंडियों को खरीद केंद्र बनाया गया है।
कुरुक्षेत्र जिले- में इस्माइलाबाद, थानेसर, थोल, शाहाबाद, लाडवा, बाबैन और झांसा मंडियों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा- करनाल मंडी, पंचकूला के बरवाला और यमुनानगर के साढौरा को भी खरीद केंद्र घोषित किया गया है।
जून से शुरू होगी खरीद प्रक्रिया
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार सूरजमुखी की कटाई 1 जून से 15 जून के बीच होने की संभावना है। इसके बाद सरकारी खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में किसानों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहने के कारण सूरजमुखी की फसल अच्छी स्थिति में है। किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। राज्य सरकार ने भी मंडियों में खरीद को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
MSP को लेकर पहले उठा था विवाद
कुछ समय पहले सूरजमुखी के MSP को लेकर किसानों और किसान संगठनों ने सवाल उठाए थे। क्योंकि खरीद एजेंसियों के शुरुआती आदेशों में MSP कम दर्शाया गया था। बाद में हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन (HAFED) ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ क्लेरिकल गलती थी और संशोधित आदेश में सही MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल लागू किया गया।
किसानों ने जल्द खरीद शुरू करने की माँग की
भारतीय किसान यूनियन (चरुणी) समेत कई किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि सूरजमुखी की आवक शुरू होते ही खरीद प्रक्रिया चालू कर दी जाए। किसानों का कहना है कि अगर खरीद में देरी हुई तो उन्हें मजबूरी में निजी व्यापारियों को MSP से कम दाम पर फसल बेचनी पड़ सकती है।
किसानों के लिए क्या है जरूरी सलाह?
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मंडियों में फसल लाने से पहले सूरजमुखी की उपज को अच्छी तरह साफ और सुखा लें। इससे खरीद प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी और किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने भी मंडी अधिकारियों को साफ-सफाई, भंडारण और भुगतान व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए हैं।