Ujjwala Yojana: अब सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही मिलेगी सब्सिडी, करोड़ों परिवारों पर पड़ेगा असर, जानिए 5वें सिलेंडर के लिए क्या करना होगा

Preeti Nahar | Jun 09, 2026, 13:51 IST
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की वार्षिक सीमा 9 से घटाकर 4 कर दी है। लाभार्थियों को अब भी प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलेगी, लेकिन यह लाभ साल में केवल 4 रिफिल तक सीमित रहेगा। सरकार का कहना है कि अधिकांश उज्ज्वला परिवारों की औसत सालाना खपत इसी के आसपास है। देश में अब तक 10.55 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, इसलिए इस फैसले का असर बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ सकता है।
साल में 4 सिलेंडर खत्म हो गए? जानिए 5वें सिलेंडर के लिए क्या करना होगा

महंगाई के दौर में रसोई का बजट संभालना पहले ही मुश्किल होता जा रहा है। हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। ऐसे समय में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़े करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है।



सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत एक साल में मिलने वाले सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी है। सरकार का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों की औसत खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जबकि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों और सब्सिडी के बढ़ते बोझ को भी इसकी एक बड़ी वजह माना जा रहा है।



क्या बदला है नियम?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। शुरुआत में लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडरों तक सब्सिडी का लाभ मिलता था। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे 4 सिलेंडर प्रति वर्ष कर दिया गया है।



सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक खपत को देखते हुए सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय की गई है। सरकार का मानना है कि अधिकांश परिवार साल भर में सीमित संख्या में ही गैस रिफिल कराते हैं, इसलिए सब्सिडी को उसी आधार पर पुनर्गठित किया गया है।



इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई संबंधी चुनौतियों के कारण एलपीजी की लागत बढ़ी है, जिससे सरकारी तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है।



सब्सिडी कितनी मिलेगी?

नियमों में बदलाव के बावजूद उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। हालांकि अब यह सुविधा साल में केवल 4 सिलेंडरों तक सीमित रहेगी।



एलपीजी कीमतों में भी हुई बढ़ोतरी

सरकार के इस फैसले के साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में ₹29 की बढ़ोतरी भी की गई है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर अब ₹942 का हो गया है। उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए सब्सिडी के बाद इसकी प्रभावी कीमत लगभग ₹642 पड़ती है।



10 करोड़ से ज्यादा परिवार योजना से जुड़े

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना देश की सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई 2026 तक 10.55 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। योजना का उद्देश्य ग्रामीण और गरीब परिवारों को धुएं से मुक्त रसोई उपलब्ध कराना और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है।



जानिए 5वें गैस सिलेंडर के लिए क्या करना होगा?

उज्ज्वला योजना के नए नियमों के तहत अब लाभार्थियों को साल में केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। यानी पहले चार रिफिल तक सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन 5वां सिलेंडर लेने पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी



ऐसे में यदि किसी परिवार को साल में 4 से ज्यादा गैस सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है, तो 5वें और उसके बाद के सभी सिलेंडर बाजार मूल्य (Market Price) पर खरीदने होंगे। इसका मतलब है कि उपभोक्ता को उस समय लागू पूरी एलपीजी कीमत का भुगतान करना होगा और उसके बैंक खाते में कोई सब्सिडी नहीं आएगी।



सरकार का कहना है कि अधिकांश उज्ज्वला लाभार्थी साल में औसतन 4 रिफिल ही कराते हैं, इसलिए सब्सिडी को इसी सीमा तक रखा गया है। हालांकि जिन परिवारों की गैस खपत अधिक है, उनके लिए 5वें सिलेंडर से रसोई का खर्च बढ़ सकता है।

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