Weather Advisory: मानसून की रफ्तार धीमी, कई इलाकों में 44°C तक पहुँच सकता है पारा, UPCAR ने किसानों को किया सतर्क
उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के बावजूद मौसम अभी पूरी तरह मेहरबान नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो सप्ताह तक राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जबकि तापमान कई इलाकों में 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है।
ऐसे में किसानों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि मानसून आने के साथ ही गर्मी का असर खत्म हो जाएगा। तेज धूप, उमस और छिटपुट बारिश का यह मिला-जुला मौसम फसलों, बागवानी और पशुपालन के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।
इसी वजह से UPCAR Uttar Pradesh Council of Agricultural Research ने किसानों के लिए मौसम आधारित एडवाइजरी जारी करते हुए कई अहम सुझाव दिए हैं। परिषद ने किसानों को धान की बजाय कम पानी वाली फसलों पर भी विचार करने, खेतों में नमी संरक्षण के उपाय अपनाने, सब्जियों और बागवानी फसलों को गर्मी एवं कीट-रोगों से बचाने तथा पशुओं को लू और उमस से सुरक्षित रखने की सलाह दी है।
सामान्य से कम होगी बारिश
रिपोर्ट में बताया गया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में प्रवेश कर चुका है, लेकिन इसी दौरान पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश के अधिकांश कृषि-जलवायु क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।
इस अवधि में पश्चिमी मैदानी, मध्य पश्चिमी मैदानी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में औसत साप्ताहिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। कई स्थानों पर तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में यह 42 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है।
पहला सप्ताह (05 जून से 11 जून 2026)
गर्मी बरकरार, बारिश सामान्य से कम
यूपीसीएआर के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 5 से 11 जून के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश में पहुंचने के बावजूद राज्य के अधिकांश कृषि-जलवायु क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पश्चिमी मैदानी क्षेत्र, मध्य पश्चिमी मैदानी क्षेत्र और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में औसत साप्ताहिक अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।
इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, जैसे पूर्वी मैदानी और उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहेगा, लेकिन उमस बढ़ सकती है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
रात के तापमान में बहुत अधिक बदलाव नहीं होगा। पश्चिमी मैदानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में यह 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर सप्ताह के दौरान तेज धूप, गर्म हवाएं और सीमित वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है।
दूसरा सप्ताह (12 जून से 18 जून 2026):
मानसून की रफ्तार धीमी, कई इलाकों में 44°C तक पहुंच सकता है पारा
12 से 18 जून के बीच भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है। बैठक में हुई चर्चा अनुसार मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी, लेकिन व्यापक और लगातार वर्षा की संभावना अभी कम है।
इस दौरान पश्चिमी मैदानी क्षेत्र, मध्य पश्चिमी मैदानी क्षेत्र और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। इन इलाकों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
पूर्वी मैदानी और उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। यहाँ अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इससे गर्मी से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।
रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है। पश्चिमी और मध्य मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तथा अन्य क्षेत्रों में 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि दिन के साथ-साथ रातों में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
क्या है किसानों के लिए सबसे बड़ा संदेश?
- अगले दो सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान।
- पश्चिमी यूपी, मध्य यूपी और बुंदेलखंड में भीषण गर्मी जारी रह सकती है।
- दूसरे सप्ताह में कुछ जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
- खरीफ फसलों की बुवाई जल्दबाजी में न करें, पर्याप्त नमी का इंतजार करें।
- पशुओं को गर्मी और लू से बचाने के लिए विशेष प्रबंधन करें।
- मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करें और स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें।
यानी मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश के किसानों को अभी बारिश से ज्यादा गर्मी और कम वर्षा की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।