नेपाल में फँसे यूपी के नागरिकों को निकालने के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा
नेपाल में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के चलते कई इलाक़ों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से नेपाल से लगे यूपी के सीमावर्ती ज़िलों और वहाँ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार का मुख्य फ़ोकस नेपाल में फँसे यूपी के नागरिकों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुँचाने पर है।
एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें नेपाल पहुँचीं
राहत-बचाव अभियान को मज़बूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसडीआरएफ की एक प्लाटून नेपाल भेजी है, जिसमें 32 जवान शामिल हैं। इसके अलावा पीएसी की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी राहत-बचाव कार्य के लिए नेपाल भेजा गया है। सरकार ने ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त जवानों और राहत संसाधनों को भी मौके पर भेजने की तैयारी की है, ताकि अभियान में किसी तरह की कमी न रहे।
चार रबर बोट के साथ एल्युमिनियम बोट भी भेजी जा रही
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए मौके पर चार रबर बोट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त एसडीआरएफ प्लाटून के साथ एक एल्युमिनियम बोट भी नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान को लेकर तैयारियाँ की जा रही हैं। जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में फँसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से नेपाल सीमा से जुड़े यूपी के ज़िलों की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। स्थानीय प्रशासन को भी किसी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिजन 1070 पर ले सकते हैं जानकारी
नेपाल में फँसे यूपी के नागरिकों के परिजन किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार की ओर से राहत-बचाव अभियान के साथ-साथ नेपाल में मौजूद यूपी के नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों तक आवश्यक सूचना पहुँचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।