UP NEWS: किसानों को 50% सब्सिडी पर मिलेगा ढैंचा बीज, जानिए कैसे करें आवेदन

Gaon Connection | Apr 19, 2026, 11:13 IST
Image credit : Gaon Connection Network
उत्तर प्रदेश राज्य सरकार हरी खाद (Green Manure) को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा बीज वितरण अभियान चला रही है, ताकि किसानों की खेती की लागत कम हो और मिट्टी की उर्वरता बढ़े। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के नेतृत्व में कृषि विभाग खरीफ सीजन से पहले इस अभियान को तेज कर रहा है, ताकि किसानों को सस्ती, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
हरी खाद को बढ़ावा दे रही योगी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार खरीफ सीजन से पहले किसानों को राहत देने और हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल कर रही है। कृषि विभाग द्वारा 45,000 कुंतल ढैंचा बीज वितरित किया जाएगा, जिसमें 20,000 कुंतल बीज से 4 लाख मिनीकिट तैयार कर 50% अनुदान पर किसानों को दिए जाएंगे। प्रत्येक मिनीकिट में ढैंचा, मक्का, उड़द, ग्वार, भिंडी, लोबिया और ज्वार के बीज शामिल होंगे। इस योजना का उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, रासायनिक खाद पर निर्भरता घटाना और किसानों की लागत कम करना है।



कृषि विभाग की ओर से इस योजना के तहत बड़े स्तर पर बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लाखों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।



क्या है योजना?

कृषि विभाग द्वारा कुल 45,000 कुंतल ढैंचा बीज का वितरण किया जाएगा। इनमें से 20,000 कुंतल बीज से किसानों को 4 लाख मिनीकिट तैयार कर 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और जैविक खेती की ओर प्रेरित करना है।



मिनीकिट में क्या मिलेगा?

सरकार द्वारा दिए जाने वाले हर एक मिनीकिट में शामिल होंगे:



1 किलो ढैंचा



1 किलो मक्का



1 किलो उड़द



500 ग्राम ग्वार



500 ग्राम भिंडी



500 ग्राम लोबिया



500 ग्राम ज्वार



इन बीजों से किसान मिश्रित खेती, हरी खाद और अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।



ढैंचा क्यों है खास?

ढैंचा एक प्रमुख हरी खाद फसल है, जिसे खेत में उगाकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इससे:



  1. मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ता है
  2. नाइट्रोजन की मात्रा सुधरती है
  3. भूमि की जलधारण क्षमता बढ़ती है
  4. रासायनिक उर्वरकों की जरूरत घटती है
  5. अगली फसल की पैदावार बेहतर होती है

किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?

किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, कृषि रक्षा इकाई, ब्लॉक स्तरीय कृषि केंद्र या कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं। कई जिलों में यह वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर भी किया जा सकता है। सरकार की पहल के पीछे लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है। हरी खाद और उन्नत बीजों के जरिए खेती को कम खर्चीला और ज्यादा लाभकारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।



यहाँ करें संपर्क

अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं: 0522-2317003

Tags:
  • Dhaincha seed subsidy
  • Dhaincha seeds UP
  • Green manure promotion
  • 50 percent subsidy seeds
  • Kharif season 2026
  • UP Agriculture Department
  • Farmer mini kit scheme
  • Seed distribution Uttar Pradesh
  • Organic farming India
  • Soil fertility improvement