किताबों की खरीद से भुगतान तक हर रिकॉर्ड की होगी जांच, UP सरकार का बड़ा फैसला, ज़िलों से मांगी गई रिपोर्ट
परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकालयों को मजबूत बनाने और शिक्षा संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विद्यालय पुस्तकालयों के लिए खरीदी गई पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान संबंधी विवरणों का जनपदवार सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को अभिलेखों का मिलान कर प्रमाणित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आपूर्ति और भुगतान के रिकॉर्ड की होगी जांच
शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार चयनित प्रकाशकों और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरणों का जिला स्तर पर मौजूद अभिलेखों से मिलान किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड के अनुरूप है। सत्यापन के बाद प्रमाणित रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पुस्तकालयों को सशक्त बनाने की दिशा में पहल
विद्यालयों में पुस्तकालयों और पठन-पाठन संसाधनों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने, उनकी ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देने और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में यह सत्यापन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि खरीदी गई पुस्तकों का लाभ वास्तव में विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है।
तथ्य आधारित समीक्षा पर रहेगा जोर
सत्यापन के बाद प्राप्त सूचनाओं के आधार पर शासन स्तर पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इससे पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सकेगा। साथ ही भविष्य में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
निगरानी और जवाबदेही होगी मजबूत
शिक्षा विभाग में तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, ऑनलाइन ट्रैकिंग और डेटा आधारित अनुश्रवण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान संबंधी सत्यापन की यह प्रक्रिया इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे न केवल प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि शिक्षा से जुड़े संसाधनों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हो रहा है और योजनाओं के लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहे हैं।