यूपी-जापान साझेदारी से खेतों तक पहुँचेगी तकनीक: शिवराज बोले- छोटे किसानों की पहुँच में हो आधुनिक मशीनरी
उत्तर प्रदेश में जापान के साथ बढ़ती साझेदारी का असर अब सिर्फ़ बड़े उद्योगों और निवेश तक सीमित नहीं रहेगा। जापान की आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता गाँवों और खेतों तक भी पहुँचेगी, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को इसका सीधा फ़ायदा मिल सके। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में इसी दिशा में ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच सहयोग तभी सार्थक होगा, जब इसका असर किसानों की आमदनी, ग्रामीण युवाओं के रोज़गार और गाँवों की अर्थव्यवस्था में दिखाई दे। उनका ज़ोर ऐसी कृषि तकनीक विकसित करने पर रहा, जिसे छोटे किसान अपनी ज़रूरत और बजट के हिसाब से अपना सकें।
200 से ज़्यादा जापानी प्रतिनिधि ले रहे हिस्सा
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में किया जा रहा है। इसमें जापान के 200 से ज़्यादा उद्योगपति, सीईओ और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। बैठक के दौरान उन्नत तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। कृषि क्षेत्र को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस साझेदारी का फ़ायदा खेत की मेड़ों तक पहुँचना चाहिए। जापानी कंपनियाँ ऐसी मशीनरी और तकनीक विकसित करें, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी होने के साथ उनकी पहुँच और बजट में भी हो।
कम पानी और कम लागत में बढ़े उत्पादन
किसानों के लिए तकनीक का सबसे बड़ा फ़ायदा तभी है, जब उससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। शिवराज सिंह चौहान ने ऐसी तकनीक पर ज़ोर दिया, जिससे पानी की खपत घटाई जा सके, उत्पादकता बढ़े और किसान की आमदनी में ठोस सुधार हो। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में होने वाली रिसर्च सिर्फ़ किताबों और रिसर्च पेपर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उसे ऐसे व्यावहारिक उत्पादों और मशीनों में बदला जाना चाहिए, जिन्हें किसान आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
गाँव के युवाओं के लिए भी खुलेंगे रोज़गार के रास्ते
नई कृषि मशीनरी और तकनीक के साथ ग्रामीण युवाओं को जोड़ने पर भी ज़ोर दिया गया। मशीनों के संचालन, रखरखाव और उनसे जुड़े छोटे कारोबार में गाँव के युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर तैयार हो सकते हैं। इससे ग्रामीण युवा सिर्फ़ नई तकनीक के इस्तेमाल करने वाले नहीं, बल्कि उससे जुड़े काम और उद्यम शुरू करने वाले भी बन सकते हैं।
जापान के लिए उत्तर प्रदेश क्यों है अहम
शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश को जापानी निवेशकों के लिए भरोसेमंद और संभावनाओं वाला प्रदेश बताया। उन्होंने प्रदेश की बड़ी उपभोक्ता आबादी, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियों को इसकी बड़ी ताक़त बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की क्षमता अगर जापान की तकनीकी विशेषज्ञता से जुड़ती है, तो इससे रोज़गार और टिकाऊ विकास के नए अवसर बन सकते हैं।
सिर्फ़ निवेश नहीं, लंबे समय की साझेदारी
केंद्रीय मंत्री ने भारत-जापान के रिश्ते को सिर्फ़ निवेश और कारोबार तक सीमित न रखने की बात कही। उनके मुताबिक़ दोनों देशों की तकनीक, कौशल, मैन्युफैक्चरिंग और सांस्कृतिक समझ एक-दूसरे के लिए बड़ी ताक़त बन सकती है। ऐसे में यूपी-जापान साझेदारी का अगला बड़ा लक्ष्य सिर्फ़ प्रदेश में निवेश लाना नहीं, बल्कि जापानी तकनीक को खेतों, गाँवों और ग्रामीण युवाओं तक पहुँचाकर ज़मीनी बदलाव लाना भी हो सकता है।