मक्का किसानों के लिए जरूरी खबर: ₹2400 MSP पर बेचें फसल; जानें रजिस्ट्रेशन से लेकर आख़िरी तारीख़ तक पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद का सीजन खत्म होने के बाद अब सरकार ने जायद सीजन की मक्का खरीद शुरू कर दी है। राज्य सरकार किसानों से मक्का की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करेगी। इस बार किसानों को अपनी मक्का की फसल बेचने के लिए बाजार में कम कीमत मिलने की चिंता नहीं करनी होगी, क्योंकि सरकार तय एमएसपी पर उनकी उपज खरीदेगी।
सरकार ने मक्का खरीद के लिए प्रदेश के 26 जिलों में खरीद केंद्र बनाए हैं। किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराकर इन केंद्रों पर अपनी फसल बेच सकते हैं। खरीद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कई व्यवस्थाएं भी की हैं, जिसमें डिजिटल निगरानी और सीधे बैंक खाते में भुगतान शामिल है।
15 जून से शुरू हुई मक्का खरीद
तीन महीने तक चली गेहूं खरीद प्रक्रिया खत्म होने के बाद मक्का खरीद शुरू की गई है। इसके लिए सभी जिलों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए उत्तर प्रदेश में 15 जून से मक्का खरीद अभियान शुरू हो गया है, जो 31 जुलाई तक चलेगा। सरकार इस दौरान किसानों से मक्का की खरीद 2400 रुपये प्रति क्विंटल के MSP पर करेगी।
26 जिलों में बनाए गए 150 खरीद केंद्र
मक्का खरीद के लिए प्रदेश के 26 जिलों में कुल 150 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने इस सीजन में 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखा है।
इन जिलों में मक्का खरीद की जाएगी-फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर। इस बार खरीद सूची में दो नए जिलों को भी शामिल किया गया है।
सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगे केंद्र
सरकार के निर्देश के अनुसार, सभी मक्का खरीद केंद्र रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों से खरीदी गई फसल का समय पर उठान कराया जाए, ताकि केंद्रों पर व्यवस्था बनी रहे।
मक्का बेचने के लिए पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन
अगर किसान MSP पर मक्का बेचना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय किसान को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़े दस्तावेज देने होंगे।
- खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल
- किसान मित्र ऐप
- जन सुविधा केंद्र
- साइबर कैफे
48 घंटे के अंदर खाते में आएगा पैसा
सरकार ने किसानों के भुगतान को लेकर भी व्यवस्था तय की है। खरीदी गई मक्का की कीमत PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि खरीद पूरी होने के बाद किसानों को 48 घंटे के अंदर भुगतान मिल जाए।
परिवार का सदस्य भी बेच सकेगा किसान की मक्का
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने यह व्यवस्था भी की है कि किसान की जगह परिवार का कोई नामित सदस्य भी मक्का बेच सकता है। इसमें पति-पत्नी, माता-पिता, बेटा-बेटी या भाई-बहन शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसके लिए पहचान और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
डिजिटल तरीके से होगी पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी
मक्का खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने डिजिटल निगरानी की व्यवस्था की है। सभी खरीद का रिकॉर्ड ई-उपार्जन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन होगा।मक्का परिवहन करने वाले वाहनों की GPS से निगरानी की जाएगी। साथ ही साथ अधिकारी समय-समय पर खरीद केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका कम करना और MSP का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मक्का बेचने से पहले किसान अपनी फसल की गुणवत्ता का ध्यान रखें और समय पर ऑनलाइन पंजीकरण करा लें। जरूरी दस्तावेज तैयार रखने से खरीद केंद्र पर किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मक्का खरीद की आखिरी तारीख 31 जुलाई है, इसलिए किसान समय रहते MSP का लाभ उठाने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें।