UP NEWS: खेत तालाब योजना का लाभ उठाकर किसान कैसे बचाएं पानी और बढ़ाएं अपनी आय, मिलेगा 50% का अनुदान

Gaon Connection | Apr 19, 2026, 12:23 IST
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उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खेत तालाब योजना में बरसात से पहले खेत में तालाब बनवाकर किसान पानी बचा सकते हैं। सरकार इस पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। यह योजना जल संरक्षण और सिंचाई में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी। किसान मछली पालन जैसे अन्य कामों से भी आय बढ़ा सकते हैं। जानिए क्या है पूरी योजना और कहाँ और कैसे करना संपर्क?
बारिश से पहले बनवाएँ तालाब, सरकार दे रही अनुदान

उत्तर प्रदेश में बारिश का मौसम शुरू होने से पहले किसानों के लिए खेत तालाब योजना बड़ा मौका लेकर आई है। अगर किसान समय रहते अपने खेत में तालाब बनवा लेते हैं, तो बरसात का पानी आसानी से उसमें जमा किया जा सकता है और बाद में सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सकता है। राज्य सरकार इस योजना के तहत किसानों को खेत में तालाब बनवाने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण बढ़ाना, भूजल पर दबाव कम करना और किसानों को सिंचाई में आत्मनिर्भर बनाना है।



रायबरेली में खेत तालाब योजना का निरीक्षण

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के ग्राम चांदा टीकर में RKVY-PDMC अंतर्गत खेत तालाब योजना का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण एवं सत्यापन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने योजना के तहत बनाए जा रहे खेत तालाबों की प्रगति, गुणवत्ता और किसानों को मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। यह योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि इसके तहत सरकार खेतों में तालाब निर्माण पर 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। इससे किसानों को सिंचाई, जल संरक्षण और खेती में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।



क्या है खेत तालाब योजना?

खेत तालाब योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण कृषि योजना है, जिसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” जैसी पहल से भी जोड़ा गया है। इस योजना के तहत किसानों के खेतों में छोटे तालाब बनाए जाते हैं, ताकि वर्षा जल का संरक्षण किया जा सके। बारिश का पानी अक्सर बहकर निकल जाता है, लेकिन तालाब बनने से वही पानी खेती के काम आता है।



इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान खरीफ और रबी दोनों मौसम में सिंचाई के लिए पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन इलाकों में पानी की कमी रहती है या ट्यूबवेल का खर्च ज्यादा है, वहां यह योजना बहुत उपयोगी साबित हो रही है। तालाब के जरिए किसान मछली पालन, सिंघाड़ा, मखाना या अन्य जल आधारित गतिविधियों से अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं।



50 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान

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योजना के तहत छोटे तालाब के निर्माण पर सरकार और किसान दोनों लागत साझा करते हैं। कई मामलों में 50 प्रतिशत तक अनुदान सीधे DBT के माध्यम से किसानों के खाते में भेजा जाता है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और चयन कई बार पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाता है।



अगर किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, जनपद कृषि अधिकारी कार्यालय, ब्लॉक कृषि कार्यालय या कृषि विभाग के पोर्टल पर संपर्क करना चाहिए। आवेदन के समय खसरा-खतौनी, आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। कई जिलों में निरीक्षण और सत्यापन के बाद मंजूरी दी जाती है।



कब करें शुरू?

बारिश शुरू होने से पहले तालाब बनवाना सबसे फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि मानसून का पानी सीधे तालाब में भर जाता है। इससे आने वाले महीनों में सिंचाई की चिंता कम होती है और फसल उत्पादन बेहतर होता है। इसलिए किसान भाइयों के लिए यही सही समय है कि खेत तालाब योजना का लाभ उठाएं और पानी बचाकर खेती मजबूत बनाएं।

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