यूपी स्मॉल लाइवस्टॉक कॉन्क्लेव हुआ शुरू, जुटे प्रदेशभर के पशुपालक, 5 लाख रुपये के बकरे ‘युवराज’ ने खींचा ध्यान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार से दो दिवसीय यूपी स्मॉल लाइवस्टॉक कॉन्क्लेव-2026 की शुरुआत हो गई। कॉन्क्लेव में प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों से आए पशुपालक, बकरी और भेड़ पालक, कृषि वैज्ञानिक, स्टार्टअप कंपनियाँ और उद्यमी अपने अनुभव और नवाचार साझा कर रहे हैं। आयोजन में लघु पशुपालन को आय और रोज़गार का बेहतर माध्यम बनाने पर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम में आधुनिक तकनीकों, पशुपालन आधारित उद्यमिता और नए कारोबारी अवसरों को लेकर भी लोगों की उत्सुकता देखने को मिली।
कॉन्क्लेव में लगे स्टॉल और प्रदर्शनी पशुपालकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कोई अपनी उन्नत नस्ल की बकरियाँ लेकर पहुँचा है तो कोई आधुनिक पशु आहार और तकनीक का प्रदर्शन कर रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भेड़ पालक भी शामिल हुए हैं, जो अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
5 लाख रुपये के बकरे ‘युवराज’ ने खींचा लोगों का ध्यान
इटावा ज़िले के नीमडांडा गाँव से आए पशुपालक शिव कुमार यादव अपने जमुनापारी नस्ल के बकरे ‘युवराज’ को लेकर कॉन्क्लेव में पहुँचे हैं। उन्होंने बताया कि युवराज की क़ीमत करीब 5 लाख रुपये है और इसे प्रजनन (ब्रीडिंग) के लिए तैयार किया गया है। शिव कुमार यादव का कहना है कि वह बकरे के सीमन और प्रजनन सेवाओं के ज़रिए आय अर्जित करते हैं। उनका दावा है कि यदि कोई पशुपालक वैज्ञानिक तरीके से 4 से 5 बकरियों का पालन करे तो सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है। कॉन्क्लेव में युवराज को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
भविष्य की कार्ययोजना पर होगी चर्चा
अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य लघु पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि आयोजन में लघु पशुपालन के समग्र विकास, रोज़गार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव में लघु पशुधन का भविष्य, पोषण सुरक्षा में इसकी भूमिका, पशुपालन आधारित उद्यमिता, स्टार्टअप और निवेश के अवसर, तकनीकी नवाचार तथा आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में अनुसंधान संस्थानों, कृषि एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालयों, उद्योग जगत, स्टार्टअप, वित्तीय संस्थाओं और प्रगतिशील पशुपालकों की भागीदारी है।
हाइड्रोपोनिक चारे की तकनीक भी बनी आकर्षण का केंद्र
कॉन्क्लेव में Shunya Fodder & Animal Nutrition कंपनी का स्टॉल भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। कंपनी ताज़ा हाइड्रोपोनिक हरा चारा प्रदर्शित कर रही है, जिसे बिना रसायनों के नियंत्रित वातावरण में तैयार किया जाता है। कंपनी के अनुसार यह चारा 18 से 22 प्रतिशत तक प्रोटीन, लगभग 85 प्रतिशत पाचन क्षमता और भरपूर विटामिन व एंज़ाइम उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही यह सालभर एक जैसी गुणवत्ता वाला पोषण देने में सक्षम है और पशुपालक इसे आसानी से अपने पशुओं के आहार में शामिल कर सकते हैं।