यूपी में चीनी का ₹5,000 प्रति क्विंटल रेट तय करने वाला आदेश वापस, महाराष्ट्र में भाव ₹4,200 तक; जानें क्या बदला
त्योहारी सीज़न से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने की कोशिशों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने मिल स्तर पर चीनी का भाव ₹5,000 प्रति क्विंटल तय करने वाला आदेश वापस ले लिया है। यह आदेश बिजनौर के कलेक्टर ने जारी किया था और पूरे उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर लागू था। कलेक्टर ने राज्य के मुख्य सचिव के साथ हुई वर्चुअल बैठक के बाद यह फैसला लिया था। हालांकि, चीनी मिलों ने आदेश की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया और कहा कि यह मौजूदा कानून के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसके बाद गुरुवार देर शाम आदेश वापस ले लिया गया।
इस बीच महाराष्ट्र में मिल स्तर पर चीनी के भाव में नरमी दिखी है। कुछ मिलों ने एस-30 ग्रेड चीनी ₹4,200 प्रति क्विंटल के भाव पर बेची, जबकि अन्य मिलों में यह ₹4,300 से ₹4,500 तक रही। देश में औसत खुदरा कीमत भी घटकर ₹62.33 प्रति किलो रह गई है, हालांकि अलग-अलग बाजारों में भाव ₹43 से ₹85 प्रति किलो तक हैं। केंद्र सरकार ने भी कीमतों को काबू में रखने के लिए कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात, बिक्री कोटा में बदलाव और स्टॉक सीमा जैसे कई कदम उठाए हैं।
बिजनौर कलेक्टर ने दिया था ₹5,000 की सीमा का आदेश
उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमत पर सीमा लगाने का आदेश बिजनौर के कलेक्टर ने जारी किया था। इसमें मिल स्तर पर चीनी का भाव ₹5,000 प्रति क्विंटल तय किया गया था और यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की गई थी। आदेश में कीमत से जुड़ी शर्तों के उल्लंघन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई, जमाखोरी और कालाबाज़ारी के मामलों में केस दर्ज करने की बात कही गई थी। मिलों को रोजाना दोपहर 1 बजे तक अपनी बिक्री कीमत अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया था लेकिन चीनी मिलों ने इस आदेश पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कीमत तय करने का यह निर्देश कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसके बाद कलेक्टर ने नया आदेश जारी कर पहले के निर्देश को वापस ले लिया। बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी में मिल स्तर पर चीनी के भाव अभी ₹5,000 प्रति क्विंटल से ऊपर हैं और मिलें इस स्तर से नीचे बेचने को तैयार नहीं हैं।
महाराष्ट्र में ₹4,200 तक आया चीनी का भाव
महाराष्ट्र में एस-30 ग्रेड चीनी के कुछ सौदे ₹4,200 प्रति क्विंटल पर हुए। टैक्स को इसमें शामिल नहीं किया गया है। कुछ अन्य मिलों में एस-30 के भाव ₹4,300-4,500 और एम-30 ग्रेड के भाव ₹4,300-4,600 प्रति क्विंटल रहे। थोक बाजार में भी कुछ शहरों में चीनी ₹50-100 प्रति क्विंटल तक सस्ती हुई है। हालांकि मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बाजारों में भाव अभी मजबूत बने हुए हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी प्रभाग के अनुसार, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत ₹62.33 प्रति किलो है। हालांकि अलग-अलग बाजारों में खुदरा कीमत ₹43 से ₹85 प्रति किलो के बीच है।
21 अगस्त के बाद चीनी 30% तक सस्ती
चीनी की कीमतों में 21 अगस्त के बाद करीब 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसी दौरान केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। इसका मकसद घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना था। केंद्र ने चीनी का मासिक बिक्री कोटा भी बदलकर पखवाड़े के आधार पर कर दिया है। अब कुल आवंटित मात्रा का 40 प्रतिशत पहले सप्ताह और बाकी दूसरे सप्ताह में बेचने का प्रावधान है।
मिलों के स्टॉक और कारोबारियों पर भी निगरानी
खाद्य मंत्रालय ने चीनी मिलों से 20 से 31 अगस्त के दौरान हुई बिक्री का ब्योरा मांगा है। इससे पहले 20 से 25 अगस्त तक की बिक्री की जानकारी मांगी गई थी। सरकार अलग-अलग राज्यों में कारोबारियों के परिसरों की जांच कर रही है और मिलों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक पर भी निगरानी रखी जा रही है। थोक खरीदारों के लिए स्टॉक सीमा घटाकर उनकी 15 दिनों की जरूरत के बराबर कर दी गई है, जबकि कारोबारियों के लिए यह सीमा 200 टन है। कोलकाता और पूर्वोत्तर क्षेत्र को इससे अलग रखा गया है। सितंबर के पहले पखवाड़े के लिए 13 लाख टन चीनी बिक्री के लिए आवंटित की गई है। इसके अलावा निर्यात के लिए रखी गई 3-3.5 लाख टन चीनी को भी घरेलू बाजार में भेजा जा रहा है।
वैश्विक बाजार में कच्ची चीनी के भाव भी नरम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्ची चीनी के भाव में भी गिरावट रही। न्यूयॉर्क के इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज में अक्टूबर अनुबंध की कच्ची चीनी 17.83 सेंट प्रति पाउंड यानी करीब 396 डॉलर प्रति टन पर आ गई। हाजिर भाव 18.38 सेंट यानी करीब 405 डॉलर प्रति टन रहा। लंदन में दिसंबर डिलीवरी वाली सफेद चीनी का भाव 531 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया।