पीएम सूर्य घर योजना के मामले में देश में पहले नंबर पर यूपी, 6.2 लाख घरों में लगे सोलर रूफटॉप, सिर्फ 22 दिन में हुए 50 हज़ार इंस्टॉलेशन
अगर आपके घर की छत खाली है और हर महीने आने वाला बिजली बिल जेब पर भारी पड़ता है तो 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' आपके लिए राहत का विकल्प बन सकती है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों पर सोलर रूफटॉप लगाए जा चुके हैं। इसी के साथ सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश देश का सबसे आगे रहने वाला राज्य बन गया है। राज्य ने अपने तय लक्ष्य का आधे से अधिक हिस्सा भी पूरा कर लिया है और बीते तीन महीनों में सोलर रूफटॉप लगाने की रफ़्तार ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।
जून 2026 में हुई प्रगति समीक्षा बैठक में सामने आए आँकड़ों के अनुसार प्रदेश में सोलर रूफटॉप लगाने की गति पिछले एक साल में कई गुना बढ़ी है। जून 2025 में जहाँ प्रतिदिन करीब 500 इंस्टॉलेशन हो रहे थे, वहीं मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 2,100 प्रतिदिन पहुँच गई। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पिछले 50 हजार सोलर रूफटॉप केवल 22 दिनों में लगाए गए, जिसे देश की सबसे तेज़ स्थापना दर बताया गया। इससे साफ़ है कि योजना का दायरा तेज़ी से बढ़ रहा है और अधिक परिवार इससे जुड़ रहे हैं।
11.27 लाख परिवारों तक पहुँचाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 11.27 लाख परिवारों तक सोलर रूफटॉप पहुँचाने का लक्ष्य मिला है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यानी प्रदेश लक्ष्य का 50 प्रतिशत से अधिक हासिल कर चुका है। देशभर में हुए कुल घरेलू सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है।
लगातार तीन महीने बना रिकॉर्ड
यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने बताया कि मार्च, अप्रैल और मई 2026 में लगातार तीन महीनों तक 50 हजार से अधिक सोलर रूफटॉप स्थापित किए गए। यह उपलब्धि हासिल करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर आवेदन को जल्द से जल्द इंस्टॉलेशन तक पहुँचाया जाए, ताकि योजना का लाभ समय पर लोगों तक पहुँचे।
ऋण, वेंडर्स और भुगतान पर विशेष ज़ोर
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऋण आवेदनों की मंज़ूरी और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो। जिन वेंडर्स ने काम धीमा कर दिया है, उन्हें दोबारा सक्रिय किया जाए और ज़रूरत पड़ने पर नए वेंडर्स भी जोड़े जाएँ। साथ ही लाभार्थियों के बिजली बिल में हुई बचत का डेटा जुटाकर उसका प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक लोग योजना से जुड़ने के लिए आगे आएँ।
2,000 मेगावाट क्षमता जुड़ी, 80 हजार लोगों को मिला रोजगार
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में इस योजना के तहत 2,000 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता जुड़ चुकी है। इसके साथ ही रूफटॉप सोलर उद्योग में प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। इस क्षेत्र में 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों तक सस्ती और स्वच्छ बिजली पहुँचाने के साथ सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।