रासायनिक खादों का आधा इस्तेमाल करने की जरूरत, मिट्टी बचेगी और विदेशी मुद्रा भी: पीएम Narendra Modi
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 11 मई 2026 को हैदराबाद में रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत उर्वरकों के आयात पर काफी हद तक निर्भर है, जिससे देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। साथ ही, खेतों में लगातार रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है, जो आने वाले समय में कृषि उत्पादन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
“धरती मां को बहुत दर्द दे रहे हैं”
प्रधानमंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध इस्तेमाल हमारी “धरती मां” को नुकसान पहुंचा रहा है। लगातार रसायनों के प्रयोग से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता कम हो रही है और जमीन धीरे-धीरे बंजर होने की ओर बढ़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अभी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
क्यों जरूरी है रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करना?
पीएम मोदी ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में उर्वरकों का आयात करता है, जिस पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। यदि किसान रासायनिक खादों का उपयोग आधा कर दें और संतुलित तरीके से उर्वरकों का इस्तेमाल करें तो देश अरबों रुपये की बचत कर सकता है। यह बचत अन्य विकास कार्यों में उपयोग की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग किसानों की लागत को कम करेगा और खेती को अधिक लाभकारी बना सकता है।
प्राकृतिक खेती को बताया बेहतर विकल्प
प्रधानमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोबर खाद, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट और अन्य प्राकृतिक विकल्प मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करते हैं। प्राकृतिक खेती न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है बल्कि लंबे समय में किसानों के लिए टिकाऊ और लाभदायक मॉडल भी साबित हो सकती है।
#BalanceUseOfFertilizers का दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए #BalanceUseOfFertilizers का संदेश दिया। उन्होंने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं से मिलकर ऐसी रणनीति बनाने की अपील की जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और कृषि उत्पादन भी प्रभावित न हो।