रूफटॉप सोलर में देश में नंबर-1 बना यूपी, छतों पर रोज फ्री में बन रही ₹5 करोड़ की बिजली
उत्तर प्रदेश में अब घरों की छतें सिर्फ धूप नहीं बल्कि बिजली भी पैदा कर रही हैं। बढ़ती गर्मी और महंगे बिजली बिलों के बीच सोलर की ओर झुकाव ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। उत्तर प्रदेश ने रूफटॉप सोलर लगाने में देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है। आंकड़े बताते हैं कि अब यूपी में 5 लाख से ज्यादा सोलर संयंत्र लग चुके हैं यानि लाखों घर खुद बिजली बना रहे हैं और सिस्टम पर बोझ भी कम हो रहा है।
5 लाख से ज्यादा सोलर प्लांट, रिकॉर्ड आवेदन और तेजी से इंस्टॉलेशन
राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में अब तक 5,00,115 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसके लिए 8,94,217 आवेदन आए जिनमें बड़ी संख्या में स्वीकृति और इंस्टॉलेशन भी तेजी से हुआ। इन संयंत्रों के जरिए प्रदेश में 1,696.68 मेगावाट की क्षमता तैयार हो चुकी है। लोगों को सोलर अपनाने के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,038.08 करोड़ और राज्य सरकार ने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी दी है।
हर दिन ₹5 करोड़ की मुफ्त बिजली, प्रदूषण में बड़ी कमी
यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह के मुताबिक, इन सोलर संयंत्रों से रोज करीब ₹5 करोड़ की मुफ्त बिजली बन रही है। यानी अब धूप सीधे लोगों की जेब बचा रही है। इसके साथ ही लाखों टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है, जो पर्यावरण के लिहाज से बड़ी राहत है।
रोजगार भी बढ़ा, जमीन भी बची
इस पूरे अभियान का असर सिर्फ बिजली तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश में करीब 5,000 कंपनियों के जरिए 65,000 से ज्यादा लोगों को सीधे रोजगार मिला है जबकि लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष काम मिला। सबसे अहम बात यह है कि छतों पर सोलर लगाने से करीब 6,500 एकड़ जमीन बची जिसे अब खेती या दूसरे कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अप्रैल में सबसे तेज रफ्तार, 30 दिन में 51,882 संयंत्र
अप्रैल 2026 में यूपी ने इंस्टॉलेशन की स्पीड में भी रिकॉर्ड बना दिया। सिर्फ 30 दिनों में 51,882 सोलर संयंत्र लगाए गए जो अब तक किसी भी राज्य के लिए सबसे तेज आंकड़ा है। इस दौरान रोज औसतन 1,729 संयंत्र लगाए गए जो मार्च के 1,700 के औसत से भी ज्यादा है। यही वजह है कि यूपी ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है।