ऑनलाइन शॉपिंग, रील, सोशल मीडिया चलाने के मामले में गाँव वाले सबसे आगे
Gaurav Rai | Jan 30, 2026, 15:38 IST
भारत में डिजिटल क्रांति ने एक नया दौर शुरू किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन खरीदारी और सोशल मीडिया के उपयोग में वृद्धि हुई है, जो शहरी क्षेत्रों से कहीं अधिक है। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शॉर्ट वीडियो प्लेटफार्मों का भी विस्तार हो रहा है।
कुछ साल पहले तक इंटरनेट को शहरों की चीज़ माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑनलाइन शॉपिंग, रील्स और सोशल मीडिया चलाने के मामले में ग्रामीण लोग शहरों से आगे निकल गए हैं। देश के 95.8 करोड़ सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में से 57% से अधिक अब गांवों में रहते हैं, और गांवों में इंटरनेट के इस्तेमाल की रफ्तार शहरों की तुलना में चार गुना तेज है। यह दिखाता है कि डिजिटल तकनीक तेजी से ग्रामीण भारत में अपनी पैठ बना रही है, जिससे भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में से एक बन गया है।
IAMAI की रिपोर्ट बताती है कि भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल, शॉर्ट वीडियो और ऑनलाइन खरीदारी ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में 8% की वृद्धि देखी गई। यह जानकर हैरानी होती है कि AI अब केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं है। लगभग 44% लोग वॉयस सर्च, इमेज सर्च, चैटबॉट और AI फिल्टर जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर 15 से 24 साल के युवा और 25 से 44 साल के लोग AI को तेजी से अपना रहे हैं।
आजकल शॉर्ट वीडियो लोगों के मनोरंजन का सबसे आसान और पसंदीदा जरिया बन गए हैं। लगभग 61% इंटरनेट उपयोगकर्ता इन्हें देखते हैं, और इस मामले में ग्रामीण लोग शहरों से थोड़ा आगे हैं। ऑनलाइन खरीदारी में भी बड़ा बदलाव आया है। लोग अब पारंपरिक वेबसाइटों की बजाय सोशल मीडिया और तुरंत डिलीवरी करने वाले ऐप्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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रिपोर्ट यह भी बताती है कि बहुत से लोग अब मोबाइल के साथ-साथ लैपटॉप जैसे अन्य डिवाइस का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 19.3 करोड़ है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में आज भी कुछ लोग दूसरों के मोबाइल से इंटरनेट चलाते हैं। लगभग 18% लोग साझा किए गए फोन से ऑनलाइन होते हैं।
इतनी तेजी से विकास के बावजूद, देश की लगभग 38% आबादी अभी भी इंटरनेट से दूर है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह संख्या हर साल कम हो रही है। साफ है कि आने वाले समय में भारत की डिजिटल कहानी और भी मजबूत होने वाली है। यह रिपोर्ट देश के 400 कस्बों और 1,000 से ज्यादा गांवों में लगभग 1 लाख इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।
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IAMAI की रिपोर्ट बताती है कि भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल, शॉर्ट वीडियो और ऑनलाइन खरीदारी ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में 8% की वृद्धि देखी गई। यह जानकर हैरानी होती है कि AI अब केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं है। लगभग 44% लोग वॉयस सर्च, इमेज सर्च, चैटबॉट और AI फिल्टर जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर 15 से 24 साल के युवा और 25 से 44 साल के लोग AI को तेजी से अपना रहे हैं।
आजकल शॉर्ट वीडियो लोगों के मनोरंजन का सबसे आसान और पसंदीदा जरिया बन गए हैं। लगभग 61% इंटरनेट उपयोगकर्ता इन्हें देखते हैं, और इस मामले में ग्रामीण लोग शहरों से थोड़ा आगे हैं। ऑनलाइन खरीदारी में भी बड़ा बदलाव आया है। लोग अब पारंपरिक वेबसाइटों की बजाय सोशल मीडिया और तुरंत डिलीवरी करने वाले ऐप्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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इतनी तेजी से विकास के बावजूद, देश की लगभग 38% आबादी अभी भी इंटरनेट से दूर है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह संख्या हर साल कम हो रही है। साफ है कि आने वाले समय में भारत की डिजिटल कहानी और भी मजबूत होने वाली है। यह रिपोर्ट देश के 400 कस्बों और 1,000 से ज्यादा गांवों में लगभग 1 लाख इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।
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