HPV टीकाकरण अभियान शुरू, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 1.15 करोड़ किशोरियों को लगाया जाएगा टीका
HPV Vaccination: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू किया गया है, जो महिलाओं में कैंसर का एक प्रमुख कारण है। इस पहल के तहत देश भर में लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को टीका लगाया जाएगा।कार्यक्रम में बताया गया कि 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाएं टीकाकरण के लिए पात्र होंगी। साथ ही, अभियान शुरू होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाली बालिकाएं भी पात्र मानी जाएंगी।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा टीकाकरण
यह टीकाकरण सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा, जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल। इन सभी जगहों पर प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा और किसी भी समस्या से निपटने के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी होंगी। यह टीकाकरण पूरी तरह से मुफ्त और स्वैच्छिक होगा, लेकिन वैक्सीन लगाने से पहले माता-पिता की सहमति लेना जरूरी होगा।
टीकाकरण के लिए सुरक्षित भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने हेतु सभी स्थानों पर कोल्ड चेन पॉइंट स्थापित किए गए हैं। किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल घटना के प्रबंधन के लिए सुविधाएं 24x7 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ी रहेंगी। यह टीकाकरण कार्यक्रम स्वैच्छिक होगा और टीका लगाने से पहले माता-पिता या अभिभावकों से सूचित सहमति ली जाएगी।
अगले तीन महीने तक चलेगा टीकाकरण का अभियान
मध्य प्रदेश में, इस अभियान के तहत लगभग 8 लाख किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य है। राज्य को केंद्र सरकार से 7 लाख 58 हजार 500 से अधिक वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुकी हैं। यह टीका उन बालिकाओं को लगाया जाएगा जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और जिनकी आयु 15 वर्ष से कम है। उन्हें केवल एक ही खुराक दी जाएगी। बाजार में लगभग 4000 रुपये कीमत वाला यह टीका शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। यह अभियान अगले तीन महीनों तक चलेगा।
हर साल एक लाख से अधिक सर्वाइकल कैंसर के मामले
GLOBOCAN 2022 के आंकड़ों के अनुसार भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। इसमें प्रत्येक वर्ष 1 लाख 20 हज़ार से ज़्यादा नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हज़ार मौतें होती हैं। वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि लगभग सभी मामले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के उच्च-जोख़िम टाइप, विशेष रूप से टाइप 16 और 18 के लगातार संक्रमण के कारण होते हैं, जो भारत में सर्वाइकल कैंसर के 80% से ज़्यादा मामलों के लिए ज़िम्मेदार हैं।
सर्वाइकल कैंसर को टीकाकरण और शुरुआती जाँच से काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके बावजूद सर्वाइकल कैंसर परिवारों और हेल्थकेयर सिस्टम पर भारी बोझ डालता रहता है। एचपीवी संक्रमण को कैंसर बनने से पहले ही रोककर देश भर में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम सीधे तौर पर इस चुनौती का समाधान करता है।
वैक्सीन में हुआ गार्डासिल का इस्तेमाल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरख से बताया गया कि भारत के इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में गार्डासिल का इस्तेमाल किया जाएगा, जो क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन है। यह एचपीवी टाइप 16 और 18 (जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं) के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी बचाती है। एचपीवी वैक्सीन दुनिया भर में सबसे ज़्यादा अध्ययन की गई वैक्सीन में शामिल हैं, जिसकी 2006 से दुनिया भर में 50 करोड़ से ज़्यादा डोज़ दी जा चुकी हैं। वैज्ञानिक सबूत बताते हैं कि वैक्सीन कवर्ड एचपीवी टाइप से होने वाले सर्वाइकल कैंसर को रोकने में यह 93–100% असरदार है।