पश्चिम एशिया संकट से कूनूर चाय बाज़ार पर दबाव, ऑर्थोडॉक्स चाय के दाम ₹4 तक टूटे, निर्यात घटने से कीमतों में गिरावट

Gaon Connection | Jul 21, 2026, 15:21 IST
पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर तमिलनाडु के कूनूर चाय नीलामी केंद्र से होने वाले ऑर्थोडॉक्स चाय निर्यात पर दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों से माँग कमजोर होने के कारण होल लीफ़ और अन्य ऑर्थोडॉक्स चाय किस्मों की कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि, जून-जुलाई के पीक सीज़न में बढ़ी आवक और घरेलू बाज़ार की मजबूत माँग के चलते नीलामी में अच्छी बिक्री दर्ज की गई। सीटीसी और डस्ट चाय की अधिकांश श्रेणियों में कारोबार अपेक्षाकृत स्थिर रहा।

पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर अब भारत के चाय कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। केरल के कोच्चि के बाद अब तमिलनाडु के कूनूर चाय नीलामी केंद्र से होने वाले ऑर्थोडॉक्स चाय के निर्यात की रफ़्तार भी प्रभावित हुई है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी अनिश्चितता के कारण निर्यातकों की खरीद कमजोर पड़ने से कई प्रमुख चाय किस्मों के दाम घट गए हैं। इसका सबसे अधिक असर होल लीफ़ (पूरी पत्ती) ग्रेड की चाय पर देखने को मिला, जहाँ कीमतों में प्रति किलोग्राम 3 से 4 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।



हालाँकि, जून और जुलाई के पीक उत्पादन सीज़न के कारण बाज़ार में चाय की आवक बढ़ी, जिससे नीलामी में पर्याप्त मात्रा में बिक्री संभव हो सकी। घरेलू बाज़ार से लगातार अच्छी माँग मिलने के कारण कीमतों पर अधिक दबाव नहीं पड़ा और अधिकांश श्रेणियों में कारोबार अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा। इसी वजह से कूनूर की 29वीं नीलामी में अच्छी बिक्री दर्ज की गई।



खाड़ी क्षेत्र की अनिश्चितता से निर्यात माँग कमजोर

चाय कारोबार से जुड़े व्यापारियों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में जारी अनिश्चितता के कारण निर्यात की माँग सुस्त बनी हुई है। इसका असर ऑर्थोडॉक्स चाय की कई किस्मों की कीमतों पर पड़ा। होल लीफ़ ग्रेड में 3 से 4 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कुछ अन्य किस्मों में इससे भी अधिक कमी देखी गई। हालांकि, अधिक उत्पादन और अच्छी आवक के कारण बाज़ार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रही, जिससे बिक्री का प्रतिशत संतोषजनक रहा।



सीटीसी और डस्ट चाय की नीलामी में रही अच्छी बिक्री

ग्लोबल टी ऑक्शनियर्स के अनुसार, पत्ती (लीफ़) श्रेणी में 21,81,607 किलोग्राम चाय नीलामी के लिए पेश की गई, जिसमें 92 प्रतिशत की बिक्री हुई। वहीं डस्ट श्रेणी में 6,53,203 किलोग्राम चाय की पेशकश हुई और इसमें 85 प्रतिशत बिक्री दर्ज की गई।



सीटीसी लीफ़ श्रेणी में ऊँची गुणवत्ता वाली चाय की कीमतें गुणवत्ता के आधार पर 3 से 4 रुपये तक मज़बूत रहीं या कुछ मामलों में बढ़ीं। दूसरी ओर, बेहतर लिकर देने वाली किस्मों के दाम 4 से 5 रुपये प्रति किलोग्राम तक घटे और कुछ लॉट वापस भी ले लिए गए। इसके बावजूद पूरी सीटीसी लीफ़ नीलामी में माँग को संतोषजनक बताया गया।



ऑर्थोडॉक्स डस्ट और सीटीसी डस्ट में भी दबाव

सीटीसी डस्ट श्रेणी की महँगी चाय की कीमतों में सामान्य तौर पर 4 से 5 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट रही और कुछ लॉट वापस ले लिए गए। वहीं बेहतर लिकर वाली कुछ किस्मों के दाम 2 से 3 रुपये तक बढ़े या स्थिर रहे।



ऑर्थोडॉक्स डस्ट की प्रमुख श्रेणियों में कीमतें 5 से 6 रुपये प्रति किलोग्राम या उससे अधिक तक घट गईं। इसके अलावा सेकेंडरी और फाइन डस्ट श्रेणियों में भी 1 से 2 रुपये प्रति किलोग्राम की नरमी दर्ज की गई तथा कुछ लॉट नीलामी से वापस ले लिए गए। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया संकट से निर्यात माँग पर दबाव बना हुआ है, जबकि घरेलू माँग फिलहाल चाय बाज़ार को सहारा दे रही है।

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