Wheat Procurement: किसानों को राहत! अब इस राज्य में 15 जून तक होगी गेहूं की खरीद, ₹80 प्रति किलो तक का मिल रहा भाव
Natural Wheat Procurement Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए गेहूं की खरीद की अंतिम तारीख मे ंबदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक तरीके से उगाए गए गेहूं की सरकारी खरीद की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 15 जून कर दिया है। इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी जो मौसम या अन्य कारणों से अब तक अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर नहीं बेच पाए थे।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल सरकार राज्य में प्राकृतिक गेहूं की खरीद/Himachal Wheat Purchase करीब ₹8,000 प्रति क्विंटल की दर से की कर रही है, जो सामान्य गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी अधिक है। सरकार का मानना है कि बेहतर दाम मिलने से ज्यादा किसान रसायन मुक्त खेती की ओर बढ़ेंगे और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।
प्राकृतिक खेती पर सरकार का खास जोर
हिमाचल प्रदेश पिछले कुछ वर्षों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहा है। राज्य में लाखों किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों की जगह देसी और प्राकृतिक तरीकों से खेती कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत घटती है, मिट्टी की सेहत सुधरती है और किसानों को बेहतर दाम भी मिलते हैं।
किसानों को मिल रहा रिकॉर्ड भाव
प्राकृतिक खेती से पैदा हुए गेहूं के लिए हिमाचल सरकार देश में सबसे ज्यादा समर्थन मूल्य दे रही है। वर्ष 2026-27 के लिए प्राकृतिक गेहूं का खरीद मूल्य/Natural Wheat Price ₹80 प्रति किलो यानी करीब ₹8,000 प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं प्राकृतिक हल्दी के लिए ₹150 प्रति किलो और जौ के लिए ₹80 प्रति किलो तक का मूल्य दिया जा रहा है।
हजारों किसानों को होगा फायदा
राज्य सरकार के अनुसार प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में दो लाख से अधिक किसान इस पद्धति को अपना चुके हैं। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि आने वाले समय में और अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि उनकी आय बढ़े और खेती अधिक टिकाऊ बन सके।
अगर आपने प्राकृतिक खेती के तहत गेहूं उगाया है और अभी तक सरकारी केंद्र पर फसल नहीं बेची है, तो 15 जून तक इसका लाभ उठा सकते हैं। उन किसानों के लिए अच्छी खबर है जो रसायन मुक्त खेती कर रहे हैं और अपनी उपज का बेहतर दाम चाहते हैं।