Wheat Procurement: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी पर सरकार सख्त, जरूरत पड़ी तो बढ़ेगी अंतिम तारीख
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विदिशा संसदीय क्षेत्र में जारी गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
इस दौरान खरीदी केंद्रों पर बारदाने की उपलब्धता, स्लॉट बुकिंग, पंजीयन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। राज्य सरकार ने कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।
किसानों को परेशानी न हो, सरकार की पहली प्राथमिकता
समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा गया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। सरकार का कहना है कि किसान आसानी से गेहूं बेच सकें, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
स्लॉट बुकिंग और पंजीयन समस्याओं का तुरंत समाधान
कई किसानों को स्लॉट बुकिंग, पंजीयन और सत्यापन से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर सरकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। जिन किसानों का स्लॉट तकनीकी कारणों से नहीं बन पाया है, उन्हें दोबारा अवसर देकर खरीदी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
खरीदी केंद्रों पर बारदाना और तौल कांटे बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने खरीदी केंद्रों पर बारदाने (बोरों) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही जरूरत के अनुसार तौल कांटों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्थाओं को मजबूत करने को कहा गया है। इससे किसानों को लंबी लाइन और इंतजार जैसी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
जरूरत पड़ी तो बढ़ सकती है खरीदी अवधि
सरकार ने संकेत दिया है कि यदि किसानों की संख्या ज्यादा रही या व्यवस्थाओं के कारण समय कम पड़ा, तो गेहूं उपार्जन अवधि बढ़ाने, मात्रा सीमा में बदलाव और अन्य सुधारों पर शासन स्तर पर विचार किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि हर किसान का गेहूं खरीदा जाए और कोई भी किसान नुकसान में न रहे।
प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
सरकार ने कहा है कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया को और आसान, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया जाएगा। तकनीकी समस्याओं को कम करने और व्यवस्था सुधार पर लगातार काम किया जाएगा।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
राज्य सरकार के इस रुख से किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। खासकर वे किसान, जिनकी फसल तैयार है लेकिन स्लॉट या पंजीयन समस्या के कारण खरीदी केंद्र तक नहीं पहुँच पा रहे थे। मध्य प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि किसान हित सर्वोपरि है। जरूरत पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाई जा सकती है और सभी किसानों का गेहूं खरीदने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। आने वाले दिनों में इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।