उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद: बढ़ा समर्थन मूल्य, जानिए पंजीकरण से भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। किसानों को यहाँ उनके गेहूं का उचित मूल्य मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन और अपडेट प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके ज़रिए प्रदेश के ज़्यादा से ज़्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी गेहूं की फसल बेच सकेंगे और उन्हें समय पर भुगतान मिलेगा।
खरीद वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,585 प्रति कुंतल तय किया गया है। यह पिछले साल की तुलना में ₹160 प्रति कुंतल अधिक है। गेहूं की सरकारी खरीद 17 मार्च से 15 जून 2026 तक की जाएगी। खरीद केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित रहेंगे। इस दौरान किसान अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं।
पंजीकरण क्यों ज़रूरी है?
सरकारी खरीद में गेहूं बेचने के लिए किसान पंजीकरण अनिवार्य है। जो किसान पहली बार गेहूं बेचने जा रहे हैं, उन्हें नया पंजीकरण कराना होगा। जिन्होंने रबी विपणन वर्ष 2025–26 में गेहूं बेचा था, उन्हें दोबारा पंजीकरण की ज़रूरत नहीं है, लेकिन अपने पुराने पंजीकरण को अपडेट कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण या अपडेट के किसान समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले पाएंगे।
पंजीकरण कैसे कराया जा सकता है?
किसान कई माध्यमों से पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं, जैसे जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे, मोबाइल फोन के ज़रिए विभागीय पोर्टल fcs.up.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
OTP की सुविधा
गेहूं खरीद के लिए OTP आधारित पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है। किसान को पंजीकरण के समय सही मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। उसी नंबर पर OTP आएगा, जिसके जरिए पंजीकरण पूरा किया जाएगा। इससे फर्जी पंजीकरण पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों को ही लाभ मिलेगा।
गेहूं बिक्री के समय क्या ज़रूरी है?
किसान को खुद क्रय केंद्र पर उपस्थित होना होगा। अगर किसी कारणवश किसान स्वयं नहीं आ पाता है, तो परिवार के नामित सदस्य का विवरण देना अनिवार्य होगा। आधार नंबर और पहचान से जुड़ी जानकारी देना जरूरी है।
भुगतान कैसे मिलेगा?
सरकार ने साफ किया है कि गेहूं का पूरा भुगतान सीधे किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। किसान जिस बैंक खाते में भुगतान चाहते हैं, उसे आधार से सीड कराना अनिवार्य है। बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और उसमें पिछले तीन महीनों में लेन-देन हुआ होना चाहिए। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पैसा सीधे किसान तक पहुंचेगा।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर किसान ने हाल ही में बैंक खाता बदला है, तो उसे NPCI पोर्टल पर अपडेट कराना होगा। भुगतान में देरी से बचने के लिए बैंक विवरण पहले ही सही कर लेना जरूरी है।
किसानों की मदद के लिए मोबाइल ऐप
किसान पंजीकरण, भूमि सत्यापन, खरीद स्थिति और MSP भुगतान की जानकारी के लिए किसान UP Kisan Mitra मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप Google Play Store पर उपलब्ध है और QR कोड के माध्यम से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
प्रदेश सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीकरण या अपडेट जरूर करा लें और किसी भी अफवाह से बचें। सभी क्रय केंद्रों पर पंजीकरण/अपडेट की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है।
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