Wheat Procurement: 4 साल बाद यहाँ फिर शुरू होगी गेहूं खरीद, किसानों को MSP का मिलेगा फायदा, जानें खरीदी की तारीख
Delhi wheat procurement: दिल्ली के किसानों के लिए चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राहत की खबर आई है, जिससे किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलने की उम्मीद जगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरने की आशा है। बता दें कि चार साल बाद राजधानी में गेहूं की सरकारी खरीद फिर से शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के अनुरोध पर 24 अप्रैल से फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के जरिए गेहूं खरीद बहाल करने का फैसला किया है। नरेला स्थित FCI डिपो और नजफगढ़ मंडी को मुख्य खरीद केंद्र बनाया गया है। इससे किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलने का रास्ता साफ हो गया है और उन्हें अपनी मेहनत का उचित दाम मिलने की उम्मीद जगी है।
खरीद की प्रक्रिया फिर से शुरू
दिल्ली सरकार की सक्रिय पहल के बाद यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर किसानों की उस समस्या को उठाया था, जिसमें खरीद बंद होने के कारण उन्हें अपनी उपज MSP से कम दाम पर बेचनी पड़ रही थी। इस पत्र के जवाब में केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खरीद प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का आदेश दिया है।
किसानों को मिलेगा मेहनत का उचित दाम
इस फैसले से किसानों को अपनी मेहनत का सही दाम मिलेगा। पिछले चार सालों से सरकारी खरीद बंद होने के कारण किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही थी, जिससे उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ रहा था। अब इस नई व्यवस्था से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, दिल्ली के आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसे दोनों बचेंगे।
गाँव-गाँव चलेगा खरीद का कार्यक्रम
दिल्ली में लगभग 29 हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती होती है, जहाँ हर साल करीब 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं पैदा होता है। किसानों की सुविधा के लिए सरकार गाँव-गाँव जाकर खरीद का कार्यक्रम चलाएगी। खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी) और बैंक पासबुक साथ लानी होगी। इससे भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में पहुँच जाएगा।