कौन सा राज्य संपत्ति कार्ड में सबसे आगे? जानिए क्या होता है संपत्ति कार्ड

Gaon Connection | Feb 10, 2026, 19:18 IST
Image credit : Gaon Connection Creatives

केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत गांवों में ड्रोन और आधुनिक तकनीक से जमीन का सर्वे किया जा रहा है। लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 1.86 लाख गांवों में 3.06 करोड़ संपत्ति कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस काम में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। सरकार का कहना है कि इससे गांवों में जमीन के मालिकाना हक को लेकर साफ़ रिकॉर्ड बनेगा और विवाद कम होंगे।

क्या है स्वामित्व योजना

स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी वाले इलाकों का आधुनिक तकनीक से सर्वे किया जाता है। इसके लिए ड्रोन से हवाई सर्वे किया जाता है और खास मशीनों की मदद से बहुत साफ़ और सटीक नक्शे तैयार किए जाते हैं। इन नक्शों की सटीकता करीब 5 सेंटीमीटर तक बताई गई है। सर्वे के दौरान स्थानीय अधिकारियों और गांव के लोगों को भी शामिल किया जाता है, ताकि जमीन की सही जानकारी मिल सके और बाद में कोई विवाद न रहे।



अब तक कितना काम हुआ

सरकार ने लोकसभा में बताया कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1.86 लाख गांवों के लिए 3 करोड़ 6 लाख से ज्यादा संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। यह योजना देश के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा चुकी है। यानी ज्यादातर हिस्सों में गांवों की जमीन का रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप में तैयार हो रहा है।



कौन सा राज्य सबसे आगे

संपत्ति कार्ड बनाने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। उत्तर प्रदेश में अब तक 72,938 गांवों के लिए करीब 1 करोड़ 14 लाख संपत्ति कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 39,474 गांवों के लिए 65 लाख से ज्यादा कार्ड, महाराष्ट्र में 22,609 गांवों के लिए करीब 37 लाख कार्ड और गुजरात में 10,122 गांवों के लिए 16 लाख से ज्यादा कार्ड तैयार किए गए हैं। राजस्थान में भी 15,000 से ज्यादा गांवों में 14 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड बनाए गए हैं।



क्या होता है संपत्ति कार्ड ?

संपत्ति कार्ड एक ऐसा सरकारी दस्तावेज होता है जिसमें गांव की जमीन या मकान से जुड़ी पूरी जानकारी होती है। इसमें जमीन या घर के मालिक का नाम, संपत्ति की सीमा, कुल क्षेत्रफल और नक्शा शामिल होता है। यह नक्शा ड्रोन सर्वे के आधार पर बनाया जाता है, जिससे यह साफ़ हो जाता है कि किसकी जमीन कहां तक है। आसान शब्दों में कहें तो संपत्ति कार्ड गांव की जमीन का पक्का सबूत होता है।



ग्रामीणों को क्या फायदा होगा

सरकार का कहना है कि संपत्ति कार्ड मिलने से गांवों में जमीन को लेकर होने वाले झगड़े कम होंगे। लोगों के पास अपनी जमीन का लिखित और नक्शे वाला प्रमाण होगा, जिससे बैंक से लोन लेना आसान होगा। साथ ही सरकारी योजनाओं का फायदा लेने और जमीन बेचने या नाम बदलवाने में भी सहूलियत होगी।



सरकार की आगे की योजना

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में बाकी बचे गांवों का भी इसी तरह सर्वे किया जाएगा। हर राज्य में इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि गांवों में जमीन के मालिकाना हक को लेकर कोई भ्रम न रहे। सरकार मानती है कि यह योजना गांवों में भरोसा, पारदर्शिता और विकास को मजबूत करने में मदद करेगी।

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