पर्यावरण संरक्षण पर यूपी का बड़ा रोडमैप, सीएम योगी ने की क्लीन एयर प्रोजेक्ट से लेकर 100 नई वेटलैंड्स तक कई बड़ी घोषणाएं
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वायु, जल संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन को लेकर कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का ऐलान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण पर ही टिकी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ लगाने, जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया।
राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक की सहायता से 2,741 करोड़ रुपये लागत वाले देश के पहले एयर शेड आधारित उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (यूपी कैम्प) का शुभारंभ किया। इस दौरान यूपी कैम्प के लोगो, वेबसाइट और वीडियो का डिजिटल अनावरण भी किया गया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विश्व बैंक और यूपी कैम्प के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू हुआ यूपी कैम्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट प्रदेश में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। एयर शेड आधारित यह देश की पहली परियोजना है, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर उनके प्रभावी नियंत्रण पर काम करेगी।
बलिया का सुरहाताल बना देश का 100वां रामसर स्थल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 13 रामसर स्थलों के डॉकेट का विमोचन किया। इस दौरान बलिया स्थित श्री जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार (सुरहाताल) को उत्तर प्रदेश का 13वां और देश का 100वां रामसर स्थल घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी उन्हें सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि देश के 100वें रामसर स्थल का दर्जा उत्तर प्रदेश को मिला है।
प्रदेश में 100 नई आर्द्रभूमियां होंगी अधिसूचित
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में 100 नई आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने की घोषणा की और इसके लिए विकसित पोर्टल का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस कदम के बाद देश की अधिसूचित आर्द्रभूमियों में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। कार्यक्रम में नवअधिसूचित आर्द्रभूमियों में शामिल छह ग्राम पंचायतों के प्रधानों को अधिसूचना प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
35 करोड़ पौधों के महाअभियान की तैयारी
मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के लोगो का अनावरण किया। उन्होंने बताया कि आगामी जुलाई में वन महोत्सव के दौरान प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। वर्तमान में सरकारी और निजी नर्सरियों में लगभग 55 करोड़ पौधे उपलब्ध हैं।
श्रावस्ती के गुलरा को मिला विशेष दर्जा
मुख्यमंत्री के समक्ष श्रावस्ती जिले के गुलरा (केन नाला) को बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में अधिसूचित किए जाने की घोषणा भी की गई। इसे प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रतियोगिता विजेताओं और ग्राम प्रधानों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने यूपी कैम्प लोगो डिजाइन प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं और आर्द्रभूमि संरक्षण में योगदान देने वाले ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
बदलते मौसम पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की लगातार उपेक्षा का असर मौसम चक्र में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 25 वर्ष पहले और आज के मौसम चक्र में लगभग एक से डेढ़ महीने का अंतर आ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें कभी अतिवृष्टि तो कभी सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि असमय आने वाली प्राकृतिक आपदाएं मानव समाज को चेतावनी दे रही हैं कि अब पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
तालाब, पोखर और जलाशयों को बचाने पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश जल संसाधनों की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है। इसलिए तालाबों, पोखरों, कुओं, बावड़ियों और अन्य जलाशयों को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायतों और नगर निकायों से जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त रखने, अमृत सरोवरों की नियमित सफाई करने और जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की अपील की।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक छोड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग, वायु प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण और जल संकट जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने हैं। इनसे निपटने के लिए प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली अपनानी होगी। उन्होंने लोगों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ वायु, निर्मल जल, उपजाऊ भूमि और हरित वन मानव सभ्यता की जीवनरेखा हैं। इनके संरक्षण से ही भावी पीढ़ियों का सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।