उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 का सीएम योगी ने किया शुभारंभ, कहा- दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि और संसाधन हमारे पास
उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 का शुभारंभ राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में हुआ। 8 से 10 अप्रैल तक चलने वाली इस कांग्रेस का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के जरिए कृषि क्षेत्र में बदलाव लाना और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूत करना है। कार्यक्रम में देशभर के कृषि वैज्ञानिक, शोधार्थी और विशेषज्ञ आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि क्षेत्र में बदलाव पर चर्चा कर रहे हैं।
‘लैब इन लैंड’ की अवधारणा पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में ‘लैब टू लैंड’ की जगह ‘लैब इन लैंड’ की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि अब खेतों को ही प्रयोगशाला बनाकर किसानों को सीधे नई तकनीकों से जोड़ने की जरूरत है।
प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध उत्तर प्रदेश
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर उपलब्धता है। यह कृषि विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
'उत्पादक से उद्यमी’ बनने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कृषि परंपरा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रही है। प्राचीन काल में किसान खेती के साथ-साथ कारीगर भी होता था और इसी के जरिए वह उद्यमी के रूप में स्थापित होता था। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खुद को सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि उद्यमी के रूप में विकसित करें।
राज्य की कृषि क्षमता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तरप्रदेश की बात करें तो यह भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। उत्तरप्रदेश जैसे राज्य में दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि, सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत की कुल आबादी का 16-17 फीसदी जनसंख्या उत्तरप्रदेश में निवास करती है। कृषि योग्य भूमि भारत में 11 फीसदी उत्तरप्रदेश के पास है, इस 11 फीसदी में भारत की कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 फीसदी उत्तरप्रदेश करता है।”
कृषि विकास दर में बड़ी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “थोड़ा प्रयास करने पर परिणाम कैसे आते हैं, गत 9 वर्ष में हमने कृषि विकास दर को उत्तरप्रदेश में 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है।” उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय किसानों की मेहनत, तकनीकी सुधार और सरकार की नीतियों को दिया। साथ ही वैज्ञानिकों से अपील की कि वे अपने शोध को सीधे खेतों तक पहुंचाएं, जिससे किसानों की आय बढ़े और कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव आए।