नकली बीज बेचने वालों की खैर नहीं! 'साथी पोर्टल' से होगी हर एक बीज की हाईटेक निगरानी, जानिए क्या है Saathi Portal?
उत्तर प्रदेश में किसानों को नकली और घटिया बीजों से बचाने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में लंबे समय से किसानों की शिकायत रही है कि बाजार में नकली बीजों की बिक्री के कारण उनकी फसल खराब हो जाती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अब इस समस्या पर रोक लगाने के लिए कृषि कल्याण मंत्रालय और प्रदेश सरकार मिलकर बीज उत्पादन, वितरण और बिक्री की पूरी व्यवस्था को सख्त नियमों के दायरे में लाने की तैयारी कर रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बीज कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
क्या है ‘सीड पोर्टल’?
कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने बीजों के उत्पादन से लेकर किसानों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की बात कही है। इसके तहत ‘सीड पोर्टल’ लॉन्च किया गया, जहाँ बीज उत्पादन, भंडारण, सप्लाई और बिक्री से जुड़ी पूरी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा बीज कहाँ तैयार हुआ और किस जिले में भेजा गया।
10 मई से पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत बीज उत्पादन करने वाली सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों, कंपनियों, फर्मों और संस्थानों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार 10 मई से इस प्रक्रिया को लागू किया जा चुका है। बिना पंजीकरण के कोई भी संस्था बीज उत्पादन या बिक्री नहीं कर सकेगी।
नकली बीज पर कैसे लगेगी रोक?
अक्सर किसान यह शिकायत करते हैं कि महंगे दामों पर खरीदे गए बीज खराब निकल जाते हैं, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है। नई डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था के जरिए सरकार बीज की गुणवत्ता पर नजर रखेगी। अगर किसी कंपनी या विक्रेता द्वारा नकली या मानक से खराब बीज बेचे जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना आसान होगा।
बीज उत्पादन केंद्रों की होगी निगरानी- कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और बीज उत्पादन एजेंसियों को भी इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। सरकारी बीज उत्पादन फार्म, सहकारी बीज केंद्र और निजी कंपनियों को अपने उत्पादन का पूरा रिकॉर्ड देना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाजार में केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज ही पहुंचें।
पुराने कानूनों को किया जाएगा अपडेट- रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा कानून जैसे बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968, बीज नियंत्रण आदेश 1983 और बीज अधिनियम 1996 के प्रावधानों को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके साथ ही नई तकनीक के अनुसार नियमों में बदलाव किए जाएंगे ताकि डिजिटल निगरानी मजबूत हो सके।
किसानों को क्या होगा फायदा- नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें नकली बीजों के जाल से राहत मिलेगी। सही बीज मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सुधार हो सकता है। खासतौर पर खरीफ सीजन से पहले यह कदम किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
सरकार का बड़ा संदेश
योगी सरकार का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार का लक्ष्य साफ है किसानों तक सही समय पर सही बीज पहुंचाना और कृषि उत्पादन को मजबूत बनाना।