8 जुलाई को यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग और SBI के बीच होगा एमओयू, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का भी होगा शुभारंभ
उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 8 जुलाई को वाराणसी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह समझौता विभाग के स्थायी और संविदा कार्मिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का भी औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह कार्यक्रम वाराणसी स्थित हस्तकला संकुल (ट्रेड फ़ैसिलिटेशन सेंटर) में आयोजित होगा। राज्य सरकार का मानना है कि बैंकिंग सहयोग और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी इस पहल से शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों को संस्थागत स्तर पर बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
राज्यभर में होंगे कार्यक्रम, एमओयू का किया जाएगा व्यापक प्रचार-प्रसार
जारी निर्देशों के अनुसार वाराणसी में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपदों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ज़िलाधिकारी की अध्यक्षता में ज़िला मुख्यालयों तथा उपज़िलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच होने वाले एमओयू का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक और विभागीय कर्मचारी इस पहल और इसके उद्देश्यों से परिचित हो सकें।
सरकार ने सभी जनपदों में इस कार्यक्रम के प्रभावी संचालन और अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों तक इस पहल की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुँच सके।
जिलों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
महानिदेशक मोनिका रानी ने सभी ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भारतीय स्टेट बैंक के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें और जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करें। साथ ही एमओयू के उद्देश्यों और इससे मिलने वाले लाभों का प्रभावी प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। प्रदेश सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के साथ बैंकिंग क्षेत्र के सहयोग को जोड़ने से शिक्षकों और विभागीय कार्मिकों के कल्याण को नई दिशा मिलेगी। यह पहल उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को और अधिक मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।