नूरी की दर्दनाक कहानी, घर मिनटों में पानी में बह गया
Mansi | Aug 02, 2026, 12:28 IST
असम की विनाशकारी बाढ़ ने नूरी की ज़िंदगी पूरी तरह बदल दी। उनका घर बह गया और अब उनके परिवार के पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। मजबूरी में उनका छोटा बच्चा दूसरे लोगों के घर में सो रहा है। नूरी कहती हैं कि उनके एक बेटा और एक बेटी है, लेकिन बाढ़ के बाद उनके पास सिर्फ़ उनकी जान बची है, बाकी सब कुछ पानी में बह गया।घर, ज़रूरी सामान, दस्तावेज़, बच्चों की किताबें, गाय-बकरी और वर्षों की मेहनत से जोड़ा गया सब कुछ बाढ़ में खत्म हो गया। कई जगह हालात इतने खराब हैं कि लोग मलबे में मिली लाशों की पहचान भी नहीं कर पा रहे हैं।नूरी कहती हैं, "एक घर बनाने में सालों लगते हैं, लेकिन उसे बहने में कुछ ही मिनट लगते हैं।" उनकी कहानी असम बाढ़ की उस त्रासदी को दिखाती है, जिससे आज भी हज़ारों परिवार जूझ रहे हैं।