नारी डायरी

इनसे मिलिए, सड़क किनारे किताब बेचकर आम लोगों तक पहुंचा रहीं हैं हिन्दी साहित्य  
बदलता इंडिया

इनसे मिलिए, सड़क किनारे किताब बेचकर आम लोगों तक पहुंचा रहीं हैं हिन्दी साहित्य  

संस्कृति व कला के लिए मशहूर राजधानी दिल्ली का मंडी हाउस, जहां पर देशभर से कला व साहित्य के प्रेमी इकट्ठा होते हैं, वहीं पर फुटपाथ पर किताबें बेचती हैं संजना तिवारी।

झारखंड के आदिवासियों के परंपरागत गहनों को दिला रहीं अलग पहचान 
बदलता इंडिया

झारखंड के आदिवासियों के परंपरागत गहनों को दिला रहीं अलग पहचान 

गहने बनाने का काम ज्यादातर पुरुष ही करते हैं, लेकिन झारखंड की यशोदा न केवल इस बात को गलत साबित कर रहीं हैं, बल्कि झारखंड के आदिवासियों के इन परंपरागत गहनों को भी दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक पहुंचा रहीं हैं।

महिला चल संपत्ति नहीं है, उसे अपने साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता पति: सुप्रीम कोर्ट
देश

महिला चल संपत्ति नहीं है, उसे अपने साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता पति: सुप्रीम कोर्ट

एक महिला की तरफ से पति पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए दायर आपराधिक केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह व्यवस्था दी है।

इन तीन लड़कियों के मजबूत इरादों के आगे हार गया बेरहम जमाना
नारी डायरी

इन तीन लड़कियों के मजबूत इरादों के आगे हार गया बेरहम जमाना

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देखिए द नीलेश मिसरा शो का यह एपीसोड में तीन लड़कियों के जबर्दस्त जज्बे की कहानी

राजस्थान के देसी उत्पादों को महानगरों तक पहुंचा रहीं हैं ये महिलाएं 
बदलता इंडिया

राजस्थान के देसी उत्पादों को महानगरों तक पहुंचा रहीं हैं ये महिलाएं 

राजस्थान के नागौर ज़िले के एक छोटे से गाँव की रहने वाली छल्ली बाई कभी अपने गाँव से भी बाहर नहीं निकली थीं, आज दिल्ली, जयपुर जैसे बड़े शहरों में अपने उत्पादों को ले जा रहीं हैं।

माहवारी : पुरुषों के लिए भी समझना जरुरी है महिलाएं किस दर्द से गुजरती हैं...
सेहत कनेक्शन

माहवारी : पुरुषों के लिए भी समझना जरुरी है महिलाएं किस दर्द से गुजरती हैं...

माहवारी’ दुनिया के कई देशों में आज भी एक रहस्यमयी शब्द है। महीने के उन दिनों के बारे में लोग न तो खुलकर बात कर पाते हैं और न ही सही जगह से जानकारी जुटाने की कोशिश करते हैं।

बांग्लादेश की इकलौती महिला रिक्शा चालक, इन्हें लोग पागल आंटी कहते हैं
दुनिया

बांग्लादेश की इकलौती महिला रिक्शा चालक, इन्हें लोग पागल आंटी कहते हैं

बांग्लादेश के चट्टगांव बस स्टेशन पर खड़ीं मोसम्मत जैस्मीन कहती हैं कि मैं से निश्चित कर देना चाहती हूं कि मेरे बच्चे भूखे न रहें, अच्छी शिक्षा के लिए उनका एडमिशन अच्छे स्कूल में हो पाए।

डिजिटल इंडिया : इंटरनेट से ग्रामीण महिलाएं सीख रहीं लजीज़ खाना बनाना
गाँव चौपाल

डिजिटल इंडिया : इंटरनेट से ग्रामीण महिलाएं सीख रहीं लजीज़ खाना बनाना

इंटरनेट के दौर में शहर ही नहीं गाँव की महिलाएं भी आगे आ रही है। ग्रामीण महिलाएं भी इंटरनेट के जरिये बहुत सी ऐसी बातें सीख रही है जिसके बारे में गाँव में भी लोगों को नहीं पता था।



इंटरनेट साथी तोड़ रही हैं स्मार्टफोन को लेकर महिलाओं की झिझक
नारी डायरी

इंटरनेट साथी तोड़ रही हैं स्मार्टफोन को लेकर महिलाओं की झिझक

महिलाएं मोबाइल और टेबलेट से मेहंदी की डिजाइन से लेकर खाने तक की रेसिपी खोज रही हैं, कई महिलाओं ने इसी के सहारो रोजगार के जरिए तलाश लिए हैं।

कागज पर हैं सिर्फ महिला प्रधान, पंचायत का पूरा  कामकाज देखते हैं प्रधानपति
नारी डायरी

कागज पर हैं सिर्फ महिला प्रधान, पंचायत का पूरा कामकाज देखते हैं प्रधानपति

प्रमिला सिंह पहली बार 2004-05 के पंचायत चुनाव में सरपंच चुनी गईं थीं, 2010 के चुनाव में प्रमिला के पति निथलेश सिंह के भाई ने सरपंच के पद पर चुनाव लड़ा था मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

डकैत ददुआ से लोहा लेने वाली ‘पाठा की शेरनी’ बेरोजगारी से हार रही...
गाँव कनेक्शन टीवी

डकैत ददुआ से लोहा लेने वाली ‘पाठा की शेरनी’ बेरोजगारी से हार रही...

रामलली प्रशासन से इनाम में मिली अपने बंदूक को साफ़ करते हुए बताती हैं, ‘‘उन दिनों चित्रकूट में ददुआ का ही शासन था। उसके खिलाफ आम लोग तो क्या पुलिस प्रशासन के लोग भी बोलने से डरते थे।

कभी घर से भी निकलना था मुश्किल, आज मधुबनी कला को दिला रहीं राष्ट्रीय पहचान 
नारी डायरी

कभी घर से भी निकलना था मुश्किल, आज मधुबनी कला को दिला रहीं राष्ट्रीय पहचान 

कुछ साल पहले तक जिस महिला को घर से बाहर निकलने के लिए भी घर के पुरुषों की इजाजत लेनी पड़ती थी, आज वही महिला अपने हुनर के दम पर देश के कई राज्यों तक अपनी कला को पहुंचा चुकी है।

 ग्रामीण भारत में ज्यादातर महिलाओं को स्तन कैंसर बीमारी की जानकारी ही नहीं होती
नारी डायरी

ग्रामीण भारत में ज्यादातर महिलाओं को स्तन कैंसर बीमारी की जानकारी ही नहीं होती

भारत के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली ज्यादातर महिलाओं को स्तन कैंसर की बीमारी की जानकारी ही नहीं है। देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं स्तन कैंसर के इलाज में काफी देर करती है और ज्यादातर मामलों में इसका कारण इलाज महंगा होना होता है।

यहां की महिलाएं माहवारी के समय अगर किसी को गलती से भी छू लें तो उन्हें चिमटे से पीटा जाता है 
नारी डायरी

यहां की महिलाएं माहवारी के समय अगर किसी को गलती से भी छू लें तो उन्हें चिमटे से पीटा जाता है 

उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में आज भी माहवारी के दौरान यदि कोई महिला किसी को छू ले तो उसकी चिमटे से पिटाई होती है।

मिलिए उस महिला से जिनकी बिल क्लिंटन से लेकर पीएम मोदी तक कर चुके हैं तारीफ
नारी डायरी

मिलिए उस महिला से जिनकी बिल क्लिंटन से लेकर पीएम मोदी तक कर चुके हैं तारीफ

जयपुर की निरू छाबड़ा के हाथ में यही चावल आ जाए तो वो एक कैनवास का रूप ले लेता है। इसकी शुरूआत निरू ने 31 साल पहले की थी।

बकरी दीदी के बारे में सुना है... नहीं तो पढ़ लीजिए
नारी डायरी

बकरी दीदी के बारे में सुना है... नहीं तो पढ़ लीजिए

महिलाएं बकरी पालन के गुणों को सीख कर बकरियों की उत्पादन और उत्पादक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ अपने आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही हैं।

उत्तर प्रदेश में अब गांव-गांव पहुंचाए जाएंगे सेनेटरी पैड
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में अब गांव-गांव पहुंचाए जाएंगे सेनेटरी पैड

आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण महिलाओं को शारीरिक स्वच्छता की जानकारी के साथ कम कीमत में उपलब्ध कराएंगी सेनेटरी पैड।