स्तन कैंसर: ये बदलाव दिखें तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास या खुद ऐसे करें जांच

ज्यादातर महिलाओं में स्तन कैंसर का पता तब चल पाता है जब वह अंतिम चरण पर होता है। इसका सही समय पर पता चल जाना बहुत जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में हर साल पांच लाख महिलाएं कैंसर से अकाल मौत का शिकार हो रही हैं

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   24 Jan 2019 12:50 PM GMT

स्तन कैंसर:  ये बदलाव दिखें तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास या खुद ऐसे करें जांच

लखनऊ। " ठीक से याद नहीं, लेकिन साल 2013 में ठंड का महीना था। छाती में गांठ जैसी महसूस हुई। लगा कि बढ़ती उम्र समस्या होगी। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने स्तन कैंसर बताया। कैंसर की बात सुनते ही डर गई। बेटे केजीएमयू में डॉ. आनंद मिश्रा को दिखाया। समय रहते इलाज शुरू को गया। आज मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं। स्तन कैंसर से डरने नहीं लड़ने की जरुरत है। " ये कहना है गोरखपुर की रहने वाली श्रीलता पांडेय (57वर्ष) का।

स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा फैलने वाला कैंसर है। हर साल इस बीमारी से लाखों महिलाएं अपना जान गंवा देती हैं। महिलाओं के लिए स्तन कैंसर के लक्षण जानना और इसकी पहचान करना बहुत जरुरी है। महिलाएं खुद घर पर स्तन कैंसर की पहचान कर सकती हैं। सही जानकारी, थोड़ी सी सावधानी और समय पर इसके लक्षणों की पहचान और इलाज से इस समस्या को हराया जा सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: इंटरनेट

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर आनंद मिश्रा का कहना है, " स्तन कैंसर होने की वजह क्या है, यह अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। लेकिन देखने में आया है कि कुछ अनुवांशिक कारण भी इसके होते हैं। कई केसेज में देखने को मिला है कि जिनके परिवार में किसी सदस्य को स्तन कैंसर की बीमारी है तो उनमें यह बीमारी होने का खतरा बाकी से ज्यादा बढ़ जाता है। "

ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 40 साल की उम्र के बाद इसका खतरा ज्यादा रहता है। कई मामलों में 20 साल की महिलाओं में भी स्तन कैंसर के मामले सामने आते हैं। महिलाओं को सचेत रहने की आवश्यक्ता है। महिलाएं स्वयं समय- समय पर अपने स्तनों की जांच करती रहें। अगर कभी स्तन में कोई गांठ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। कैंसर पता करने के लिए एफएनएसी की जांच की जाती है।

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डॉ. आनंद मिश्रा, विभागाध्यक्ष एंडोक्राइन सर्जरी विभाग, केजीएमयू, लखनऊ

स्तन कैंसर के लक्षण

-स्तन कैंसर में स्तन पर या बांह के नीचे (बगल में) उभार या मोटापन आ जाता है

-निप्पल से पानी या खून आने लगता है।

-स्तन कैंसर में निप्पल पर परत या पपड़ी सी बन जाती है

-निप्पल्स अंदर की ओर धंस जाते हैं।

-स्तन पर लालिमा या सूजन आ सकती है

-स्तन की गोलाई में कोई बदलाव जैसे एक का दूसरे की अपेक्षा ज़्यादा उभर आना

-स्तन की त्वचा पर कोई फोड़ा या अल्सर जो ठीक न होता हो

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लापरवाही नहीं करनी चाहिए

डॉक्टर आनंद मिश्रा ने बताया, " अगर कभी स्तन में कोई गांठ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। गांठ का पता अल्ट्रासाउंड और मेमोग्राम से होता है। इसके साथ ही एफएनएसी टेस्ट से ही कैंसर का पता लगाया जाता है। कई बार महिलाएं इन बदलाओं को नजरअंदाज कर देती हैं, जो बाद में काफी खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अुनसार, भारत में हर साल पांच लाख लोग कैंसर से अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। कैंसर रोगियों की संख्या इसी रफ्तार से बढ़ती रही, तो 2015 में यह मृत्युदर सात लाख तक पहुंच जाएगी। पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) के अनुसार, भारत में एक साल में करीब 1,44,000 नए स्तन कैंसर के रोगी सामने आ रहे हैं। गलत जीवनशैली और जागरूकता की कमी के चलते भारत में स्तन कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

स्तन कैंसर की जांच कैसे करें

महिलाएं घर पर रहकर भी स्तन कैंसर की जांच कर सकती हैं। अपने स्तनों को हल्के हाथ से छुएं। अगर कोई गाँठ होगी तो वह आपको महसूस होगी। अगर कोई गाँठ महसूस होती है तो उसे दबाकर देखिये कि क्या दबाने से उसमें दर्द होता है। यह प्रक्रिया हर माह माहवारी आने के एक सप्ताह के अंदर करनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान बहुत से हार्मोनल बदलाव होते हैं।


पुरुषों में भी होता है स्तन कैंसर

डॉ. आनंद कुमार मिश्रा ने बताया, "वैसे तो स्तन कैंसर उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं को होता है लेकिन पुरुषों में भी स्तन कैंसर हो सकता है। पुरुषों में एक प्रतिशत ही स्तन कैंसर होता है, जिसका कारण यह है कि पुरुषों में स्तन का विकास होता नहीं है। स्तन का मुख्य काम स्तन पान होता है जो कि पुरुषों में होता नहीं है। पुरुष और महिलाओं में स्तन के विकास के हार्मोन्स अलग-अलग होते हैं। पुरुषों में स्तन कैंसर बहुत ही एडवांस होता है ये बहुत तेजी से फैलता है। स्किन से तेजी से फैलकर छाती से चिपक जाता है, इसलिए पुरुषों को भी इसके लिए हमेशा सजग रहना चाहिए।"

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स्तन कैंसर के कई चरण होते हैं। स्तन कैंसर अगर पहले चरण में है मरीज के ठीक होने की उम्मीद ज़्यादा होती है। दूसरे चरण में भी महिलाएं ठीक हो जाती हैं, वहीं तीसरे चरण में स्तन कैंसर है तो इलाज़ थोड़ा कठिन हो जाता है। जांच के बाद यह पता चलता है कि कैंसर स्तन में ही है या शरीर के अन्य भागों में फैल गया है तो ऑपरेशान से फायादा नहीं होगा। इसलिए ऐसे मरीजों को दवा दी जाती है। कैंसर का इलाज तीन तरह से होता है ऑपरेशन, कीमोथेरैपी और सिकाई।

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