पेड़ पौधे भी जानते हैं आपके सारे राज़: हर्बल आचार्य एपिसोड 1

पेड़ पौधों और मनुष्य का आपसी संबंध आदिकाल से रहा है और इसी दौर से पेड़ पौधों की दुनिया हम मनुष्यों के लिए रहस्य और रोमांच भरी रही है। एक लंबे अरसे तक पेड़ पौधों से जुड़े शोध करने वाले वैज्ञानिक यही सोचते रहे कि पेड़ पौधे जीवित जरूर हैं लेकिन इनमें चलने-फिरने, सुनने, देखने, सोचने और समझने जैसी शक्तियां नहीं पाई जाती हैं। पेड़ पौधों में इस तरह की अनुभूतियों का अनुपस्थित होना विज्ञान जगत में लंबे समय तक एक आम बात रही। और इसी वजह से इन्हें एक अलग वर्ग में वर्गीकृत करके रखा गया। लेकिन दौर बदलता गया और वैज्ञानिकों की एक जमात सिर्फ इसी खोज परख में व्यस्त रही कि क्या पेड़ पौधों में भी मनुष्यों की तरह इंद्रियां पायी जाती हैं? क्या इनमें भी सुनने, समझने और तमाम तरह की इंद्रियों की अनुभूति की शक्तियां होती हैं?

बचपन में हमें स्कूल में भी यही सिखाया गया कि पेड़ पौधे चल-फिर नहीं सकते, इनमें देखने, सुनने और समझने की शक्तियां नहीं पाई जाती हैं। दरअसल हमें सही जानकारियां नहीं दी गयी। जैसे-जैसे विज्ञान ने अपने पैर पसारने शुरू किए इस विषय पर और भी गहनता से अध्ययन होना शुरू हुआ, नई-नई जानकारियों का पता चला।

बैक्सटर नाम के एक वैज्ञानिक ने पौधों के क्रियाकलापों को लेकर जो अध्ययन किया, उसने विज्ञान जगत में शोध को एक नए आयाम तक पहुंचा दिया। बैक्सटर अपने दफ्तर के गमले में लगे पौधों पर कई तरह के प्रयोग निरंतर करते रहे और इस बात को जानने के लिए आतुर रहे कि क्या पेड़ पौधों में भी संवेदनाएं होती हैं? और अपने अध्ययन के दौरान उन्होंने एक पॉलीग्राफ मशीन भी बना ली। इस मशीन को एक पौधे के साथ जोड़कर कुछ इस तरह का अध्ययन किया कि उन्हें पता चल गया कि पेड़ पौधों में भी इंसानों की तरह तमाम तरह की संवेदनाएं होती हैं। पेड़ पौधे भी आपस में बातें कर सकते हैं, वे नाच भी सकते हैं और एक दूसरे से बात भी कर सकते हैं। और तो और ये अपने इर्द-गिर्द रहने वाले जीव जंतुओं और मनुष्यों के मन में चल रही बातों को भी वह बड़ी आसानी से भांप सकते हैं। यानी ये आपके मन को पढ़ सकते हैं, आपके मन की बात को समझ सकते हैं।

क्या था वह प्रयोग जिसे बैक्सटर ने अपने लैब में करके देखा और किस तरह से इस नतीजे पर पहुंचे कि पेड़ पौधों में भी संवेदनाएं होती हैं? सारी जानकारी को बेहतर समझने के लिए "हर्बल आचार्य" के इस पहले एपिसोड को जरूर देखें और जानें इस बात को पूरे विस्तार के साथ, हमारे हर्बल एक्सपर्ट डॉ. दीपक आचार्य के साथ।

ये भी पढ़ें: अब हर गुरूवार होगी सेहत की बात हर्बल आचार्य के साथ


Share it
Top