'कॉस्मेटिक’ बताकर इंजेक्शन लगाना नियमों के खिलाफ, सरकार ने जारी की चेतावनी, CDSCO ने साफ किए नियम

Gaon Connection | May 21, 2026, 13:06 IST
ब्यूटी क्लिनिक में इंजेक्शन से होने वाले कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट पर सरकार सख्त हो गई है। केंद्रीय औषधि नियामक CDSCO ने साफ किया है कि इंजेक्शन वाले उत्पाद कॉस्मेटिक नहीं हैं। इन्हें इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ऐसे ट्रीटमेंट का चलन बढ़ रहा है। सरकार उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
इंजेक्शन वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट पर सरकार सख्त,

अगर आप किसी ब्यूटी क्लिनिक या वेलनेस सेंटर में इंजेक्शन के जरिए किए जाने वाले कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देश के केंद्रीय औषधि नियामक CDSCO ने साफ कर दिया है कि इंजेक्शन के रूप में दिए जाने वाले कॉस्मेटिक उत्पाद कानून के तहत कॉस्मेटिक की श्रेणी में नहीं आते और इन्हें उपभोक्ताओं, प्रोफेशनल्स या एस्थेटिक क्लिनिक द्वारा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब देशभर में ब्यूटी क्लिनिक और वेलनेस सेंटर “कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट” के नाम पर इंजेक्टेबल एस्थेटिक प्रक्रियाओं को तेजी से प्रमोट कर रहे हैं। सोशल मीडिया और शहरी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रेंड के बीच सरकार अब ऐसे मामलों को लेकर सख्त होती दिखाई दे रही है।



आखिर सरकार को चेतावनी क्यों जारी करनी पड़ी?

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में बिना सर्जरी वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। कई क्लिनिक त्वचा को ग्लोइंग बनाने, झुर्रियां कम करने, चेहरे की शेप बदलने या ब्यूटी एन्हांसमेंट के नाम पर इंजेक्शन आधारित प्रक्रियाएं ऑफर कर रहे हैं। इसी बढ़ते चलन के बीच सरकार को आशंका है कि कई जगह कॉस्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल इलाज या मेडिकल प्रक्रिया की तरह किया जा रहा है, जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।



CDSCO ने क्या कहा?

18 मई को जारी सार्वजनिक नोटिस में सीडीएससीओ ने कहा कि कॉस्मेटिक ऐसे उत्पाद होते हैं जिन्हें शरीर पर रगड़ने, डालने, छिड़कने या स्प्रे करने के लिए बनाया जाता है। इनका उद्देश्य केवल सफाई, सौंदर्य बढ़ाना या बाहरी रूप में बदलाव करना होता है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि इंजेक्शन के रूप में दिए जाने वाले उत्पाद कॉस्मेटिक की परिभाषा में नहीं आते। इसलिए किसी भी उपभोक्ता, प्रोफेशनल या एस्थेटिक क्लिनिक को कॉस्मेटिक उत्पाद इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।



भ्रामक विज्ञापन और प्रतिबंधित सामग्री पर भी सख्ती

ड्रग रेगुलेटर ने चेतावनी दी है कि कॉस्मेटिक उत्पादों में प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल, भ्रामक दावे करना या कॉस्मेटिक को इलाज के रूप में पेश करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। सीडीएससीओ के अनुसार ऐसे मामलों में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और कॉस्मेटिक्स रूल्स 2020 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।


संगठन ने यह भी बताया कि सुरक्षित और प्रतिबंधित सामग्री की सूची भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा जारी की जाती है।



लोगों से शिकायत करने की अपील

सरकार ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अगर कहीं भ्रामक कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट, गलत दावे या नियमों का उल्लंघन होता दिखाई दे, तो उसकी जानकारी रेगुलेटरी अथॉरिटी या राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को देने को कहा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह का इंजेक्टेबल ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से पहले उसकी कानूनी स्थिति और सुरक्षा को समझना बेहद जरूरी है।

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