सर्दी में अपने बच्चों का ऐसे रखें खास ख़्याल

सर्दी में अपने बच्चों का ऐसे रखें खास ख़्यालफोटो: शुभम श्रीवास्तव

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। सर्दी का मौसम आ रहा है, इस दौरान सभी लोगों को खास सावधानी रखनी पड़ती है। लेकिन जब बात बच्चों की हो तो किसी तरह की कोताही नहीं बरतनी चाहिए। छोटे बच्चे इस मौसम में कई तरह के संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। इसलिए यहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रुपा शर्मा बता रही हैं कुछ टिप्स जो मांओं को अपनाने चाहिए-

पहनाएं गर्म कपड़े

बच्चों के कपड़े का सर्दियों में विशेष ध्यान रखें। कपड़े की थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चे को भारी पड़ सकती है। इसलिए जैसे ही मौसम बदले, बच्चे को गर्म कपड़े पहनाना शुरू कर दें। हल्की ठंड को नजरअंदाज ना करें और बच्चे को हमेशा मोजे पहना कर रखें।

बच्चे को रोज ना नहलाएं

छोटे बच्चों को सर्दी में रोज नहीं नहलाना चाहिए। छोटे बच्चे को रोज नहलाने के बजाय हर दूसरे दिन गर्म पानी में सॉफ्ट एंटीबैक्टीरियल लिक्विड डालकर उसमें नर्म तौलिया भिगोकर उनका शरीर साफ कर दें। हांलाकि थोड़े बड़े बच्चों को रोजाना नहलाना चाहिए। अगर सर्दी-जुकाम है तो एक दिन छोड़कर भी नहला सकते हैं। रोजाना नहलाने से बच्चे कीटाणुओं से दूर रहते हैं।

ना खिलाएं ठंडी चीजें

सर्दी में भूल से भी बच्चे को ठंडी चीजें ना खिलाएं। अगर आपका बच्चा 7 माह से अधिक का है और वह खाना खाता है, तो उसे ठंडी चीजें न खिलाएं और साथ ही उसे बासी खाना या ठंडा खाना भी न दें।

तापमान पर रखें ध्यान

अक्सर ठंड में बचाने के लिए बच्चों को हीटर और ब्लोअर से गर्म कमरे में रखा जाता है। लेकिन ये आदत बच्चों के लिए अक्सर बीमारी की वजह बन जाती है। कमरे का तापमान हमेशा सामान्य होना चाहिए।

बच्चे का बिस्तर रखें गर्म

बच्चे का बिस्तर गर्म रखें। उसके सोने से पहले हॉट वॉटर बॉटल रखकर बिस्तर को गर्म कर लें। बच्चे के सोने से पहले बॉटल हटा दें।

मालिश के लिए करें गर्म तेल का प्रयोग

मालिश से जहां बच्चे की मांस पेशियां मजबूत रहती हैं, वहीं इसके साथ बच्चों का शरीर गर्म भी रहता है। इसलिए सर्दी के मौसम में बच्चों की मालिश जरूर करें।

थोड़ी देर धूप में लिटायें

अगर आपके घर में धूप आती है, तो बच्चे को गर्म कपड़े पहना कर थोड़ी देर के लिए धूप में लिटायें। उसे ताजी हवा और विटामिन डी दोनों मिलेगा।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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