नारियल तेल से जुड़े ये मिथक करें दूर

नारियल तेल से जुड़े ये मिथक करें दूरनारियल ।

नई दिल्ली (आईएएनएस)| नारियल तेल को बालों और शरीर को पोषण प्रदान करने के लिए जाना जाता है। अगर इसका सेवन व्यायाम करने के बाद स्वस्थ आहार के साथ किया जाता है, तो यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।

'सेपालिका डॉट कॉम' (हेल्थ प्लेटफॉर्म) के सह-संस्थापक व थेरेपिस्ट महेश जयरमन और 'हॉलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट' की इशिका सचदेव ने नारियल तेल से जुड़े मिथकों को दूर करते हुए ये जानकारियां दी हैं-

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नारियल तेल से जुड़ा एक मिथक यह है कि यह दिल की बीमारी का कारण बनता है। इस मिथक का कारण यह है कि इसमें अधिक मात्रा में संतृप्त वसा पाया जाता है, हालांकि एडवांस्ड रिसर्च ने यह साबित कर दिखाया है कि प्राकृतिक रूप से वसा युक्त आहार आपके दिल को नुकसान नहीं पहुंचाते। वास्तव में प्रंसस्कृत खाद्य पदार्थो और रिफाइंड शुगर में ज्यादा वसा होती है।

नारियल तेल को लेकर यह भी मिथक है कि इसका स्वाद नारियल की तरह लगता है। यह तेल परिष्कृत और वर्जिन/कोल्ड प्रेस्ड दो रूपों में आता है और सभी वैरायटी नारियल के स्वाद वाले नहीं होते। रिफाइंड नारियल तेल में इसका स्वाद या महक नहीं होता, ताकि उन्हें आसानी से भोजन में इस्तेमाल किया जा सके।

हालांकि, हाइड्रोजेनेटेड नारियल तेल का सेवन किसी कीमत पर नहीं करना चाहिए, ये सिंथेटिक ट्रॉन्स फैट बना सकते हैं। ऐसे नारियल तेल को अपने आहार में शामिल करें जो नैचुरल रूप से और केमिकल मुक्त प्रक्रिया से रिफांइड किया गया हो।

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नारियल तेल से जुड़ा यह मिथक भी है कि इसमें कोलेस्ट्रॉल उच्च मात्रा में होता है, जबकि सच्चाई यह है कि यह तेल मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स से बना होता है, जो हमारे शरीर द्वारा प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाता है। वे बेहतर प्रोफाइल बनाए रखने में मदद करते हैं। इसका मतलब शरीर में ज्यादा कोलेस्ट्रॉल की मात्रा होने पर यह इसका स्तर कम कर देता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर ऊपर बढ़ता है।

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