ओलंपिक खेल बनने के लिये क्रिकेट का और विस्तार करना होगा : सहवाग
नई दिल्ली (भाषा)। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग को लगता है कि क्रिकेट तभी ओलंपिक खेल बन सकता है जब यह खेल और ज्यादा देशों में खेला जाये।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ (आईसीसी) के मौजूदा सदस्यों की संख्या 105 हैं लेकिन सिर्फ 12 देश इसके पूर्ण सदस्य हैं। आईसीसी की कोशिश है कि 2024 तक क्रिकेट को ओलंपिक खेलों में शामिल किया जाये। क्रिकेट सिर्फ एक बार 1990 में ओलंपिक खेल का हिस्सा रहा है। सहवाग ने सेंट मौरिट्ज आईस क्रिकेट के लॉन्च पर कहा, ''मुझे लगता है इस पर आईसीसी को फैसला करना है। उन्हें ज्यादा देशों को क्रिकेट से जोड़ना चाहिये ताकि यह ओलंपिक का हिस्सा हो सके। 12 देश (पूर्ण सदस्य) काफी नहीं है।''
इसका एक तरीका यह है कि इस खेल को वैसे जगहों पर ले जाया जाये जहां इसे नहीं खेला जाता है। फरवरी में ऐसे ही मुकाबले में स्विट्जरलैंड में सहवाग पूर्व क्रिकेटर महेला जयवर्धने, शोएब अख्तर, डेनियल विटोरी, मोहम्मद कैफ और ग्रीम स्मिथ के साथ क्रिकेट खेलेंगे।
सहवाग ने कहा, ''यह वाकई में शानदार होगा अगर हम वहां किसी को क्रिकेट खेलने के लिये प्रेरित कर सके।'' स्विट्जरलैंड हालांकि आईसीसी का सदस्य नहीं है लेकिन विंटर ओलंपिक की दो बार मेजबानी करने वाले सेंट मौरिट्ज में आठ और नौ फरवरी को आईस क्रिकेट खेला जायेगा। आयोजको ने दावा किया कि इस प्रतियोगिता को आईसीसी से मान्यता मिली है।