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मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानों को दिया 'गुरुमंत्र', कहा- गांवों को बनाए स्मार्ट विलेज, पंचायत घर में मिलें सारी सुविधाएं

उत्तर प्रदेश में 38 प्रधान पीएचडी धारक हैं। 135 प्रधान ऐसे हैं, जिनकी उम्र 21 साल से कम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के प्रधानों को गांवों में विकास का 'गुरुमंत्र' दिया।

Ajay MishraAjay Mishra   29 May 2021 5:38 AM GMT

मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानों को दिया गुरुमंत्र, कहा- गांवों को बनाए स्मार्ट विलेज, पंचायत घर में मिलें सारी सुविधाएं

प्रदेस के नए प्रधानों से वार्ता करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। फोटो- सूचना विभाग

लखनऊ ( उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधान जनता के साथ मिलकर अपने-अपने गांव को स्मार्ट विलेज बनाएं। पंचायत घर में सभी सुविधाएं मिलें। बैंकिंग सखी, कॉमन सर्विस सेंटर, इंटरनेट आदि की व्यवस्था हो, जिससे ग्रामीण इलाके के लोगों को परेशानी न हो और शहर की ओर न भागें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये बातें प्रधानों के साथ ऑनलाइन संवाद के दौरान कहीं।

शुक्रवार (28 मई) की दोपहर चार बजे के बाद मुख्यमंत्री सूबे के नए प्रधानों से जूम वेबिनार के जरिए जुड़े। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोरोना वैक्सीनेशन और पंजीकरण के लिए पंचायत घर में ही सुविधाएं शुरू होने वाली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र वित्त की ओर से ग्राम पंचायतों में काफी बजट भेजा जा रहा है। राज्य वित्त का भी बजट मिलाकर करीब 10 हजार करोड़ रुपए ग्राम पंचायतों में पड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि गांव में एक ही जगह से सारी गतिविधियां संचालित हों।

इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जब वह किसानों से मिलती हैं तो खुशी होती है। अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अच्छा काम कर रही हैं, पहले उनका घर से निकलना ही मुश्किल था। प्रधानों को चाहिए कि जो योजनाएं चल रहीं हैं, उनको देखें कि पात्रों लाभ कैसे दिलाया जा सकता है।

प्रधान बन गए, पात्रता में भेदभाव न करें

सीएम ने प्रधानों से कहा कि अब वह जीत गए हैं। जो समर्थक हैं,उनके साथ सहानुभूति रखें, लेकिन जब मामला पात्रता या सरकारी योजनाओं के लाभ का हो, तो भेदभाव न करें। उन्होंने आयुष्मान कार्ड न होने पर इलाज के लिए दो हजार और मदद के लिए पांच हजार रुपए ग्राम निधि से देने के पावर को भी प्रधानों को बताया।


प्रधानों के साथ संवाद को ऐतिहासिक बताया

पहली बार सूबे के सभी प्रधानों के साथ जूम वेबिनार के जरिए हुए संवाद को सीएम ने ऐतिहासिक बताया। कहा कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ही एक साथ जुड़े हैं।

मास्क की आदत डालें, भीड़ न लगाएं

सीएम ने कहा है कि लोग मास्क की आदत डाल लें। कहीं पर भी भीड़ न लगाएं, एक तबका ऐसा भी है जो मास्क नहीं लगा रहा है। उन्होंने प्रधानों से कहा कि वह गांव में मास्क भी बांट सकते हैं। जांच के लिए लोगों को प्रेरित करें। मेडिसिन किट देकर संदिग्ध की एंटीजन टेस्ट कराएं। कोरोना की पुष्टि न हो तो आरटीपीसीआर कराएं और पंचायत भवन या गांव के स्कूल में रुकने की व्यवस्था करें।

केवल 32 फीसदी गांव में कोरोना का दावा

सीएम ने जूम वेबिनार में कहा कि यूपी में कोरोना का भयावह रूप की संभावना बताई गई थी, लेकिन उन्होंने एक सर्वे कराया है, उसमें 32 फीसदी गांव में ही संक्रमण फैला है। 68 फीसदी गांव संक्रमण से मुक्त हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानों से कहा कि वो अपने गांवों को स्मार्ट विलेज के रुप में विकसित करें।

बरसात की बीमारियों से किया अलर्ट

बरसात में कई बीमारियां फैलती हैं, इसको लेकर सीएम ने प्रधानों को अलर्ट किया है।कहा है कि मच्छरजनित बीमारियां समेत अन्य रोग भी फैलते हैं। दिमागी बुखार, चिकुनगुनियां, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि बीमारियों से बचना होगा। पानी जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तो बाद में आती है, पहले ग्राम पंचायत का नंबर आता है। वह सप्ताह में दो-तीन बार सफाई, फागिंग, छिड़काव व सेनेटाइजेशन कराएं तो लोग देखने आएंगे।

सीएम नेआगे कहा कि कोरोना बहुरुपिया और धूर्त है। उससे सतर्क रहें, लापरवाही कतई न बरें। गांव में सभी की स्क्रीनिंग जरूर कराएं। इसकेलिए निगरानी समितियों को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर, ग्लव्स व सेनेटाइजर आदि दिया गया हैं।

सीएम ने 10 प्रधानों से पूछी- क्या बनाईं कार्ययोजनाएं

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी किसानों को संबोधित करने के बाद 10 जिलों से एक-एक प्रधान से सीधी वार्ता की। एक घंटा 20 मिनट चले इस कार्यक्रम में उन्होंने विकास कार्यों को लेकर कार्ययोजनाएं पूछी। कहा, काम की कमी नहीं है, लगन होनी चाहिए। प्रधान ऐसा काम करें, कि लोग काम के लिए गांव बाहर जाने से मना कर दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में तालाब के आसपास अगर धार्मिक स्थल न हो, तो मछली पालन कर रोजगार दिया जा सकता है। हरदोई जिले के मल्लावां इलाके के बनशा से चुने प्रधान सम्पूर्णानंद से सीएम ने कहा कि पंचायत भवन को मिनी सचिवालय बनाएं। वहां आय, जाति व मूल निवास आदि कई प्रमाण पत्र बन सकें। बैंकिंग की सुविधाएं भी सखियों के जरिए मिलें। गांव को स्मार्ट विलेज बनाएं, इसके लिए प्रस्ताव भी देने को कहा।

सोनभद्र के बभनि इलाके से मंगाडिह की प्रधान गुडिया ने से आज का मौसम पूछा, बताया हल्की बारिश हो रही है। प्रधान ने बताया कि वह किसानों के लिए काम करेगी। मनरेगा से खेती के लिए पानी की व्यवस्था और मेडबंदी का इंतजाम कराएगी। सीएम ने एक-एक बूंद पानी की बचत योजना के तहत पीएम की योजना के बारे में बताया। जिला प्रशासन की मदद से चेकडैम बनाने को कहा।

मैनपुरी के नगला गारू से प्रधान डॉ. दिनेश प्रकाश यादव से पूछा कि डिग्री कॉलेज में पढ़ाने के बाद इस क्षेत्र में कैसे आए। इस पर बताया कि गांव के लोगों ने प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए उत्साहित किया था। सीएम ने कहा कि प्रधान अच्छा काम करें। एक-एक नवाचार बताएं। उसकी प्रस्तुति करें और स्मार्ट विलेज बनाएं। इसके लिए प्रधानों के बीच प्रतिस्पर्धा भी होगी। रोजगार के लिए पढ़े-लिखे लोगो को आगे आने को कहा।

बाराबंकी की ममता रावत ने बताया कि 21 वर्ष की है। उसने सात लोगों को चुनाव हराया और अकेली महिला थीं।

सहारपुर के मुजफ्फराबाद से जमालपुर मस्त ग्राम पंचायत से कुर्बान अली ने बताया कि वह 15 साल बाद फिर से प्रधान बने हैं। सीएम ने चिकुनगुनिया के लिए अलर्ट रहने को कहा।

लखीमपुर खीरी के पलियां इलाके के मसानखम्भ से प्रधान शिवचरन ने बताया कि वह निर्विरोध जीते हैं। इस पर सीएम ने अन्य प्रधानों को भी अच्छा काम कर सीख लेने की बात कही। किसान संगठन बनाने पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि महिला समूह के लिए भी काम करने और थारू जनजाति गांव होने की वजह से समूह की महिलाओं के उत्पाद को एक जनपद एक उत्पाद में शामिल किया है।

बहराइच के शिवपुर से बरदहाकलां की स्वप्निल सिंह ने बताया कि इससे पहले माता और बाबा प्रधान रहे हैं। वह महिला उत्थान व शिक्षा व्यवस्था पर काम करेगी।

चंदौली के धानापुर बहादुरपुर लोकुआं से सुशीला देवी ने बताया कि 214 वोट से वह जीती हैं। जलनिकासी की व्यवस्था, राशनकार्ड, पेंशन, गरीबों को आवास देने के लिए सीएम ने प्रेरित किया।

ललितपुर के मडावारा धौरीसागर से संतोष सहरिया से कहा कि गांव व बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। पीलीभीत के परमजीत के कृषि क्षेत्र में रुचि होने की वजह से खेती क्षेत्र में नई तकनीक से काम करने को कहा। इससे लोग विजिट करने आएं और पलायन रुके।

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