जानिए किसको क्या-क्या मिला योगी के दूसरे बजट में

जानिए किसको क्या-क्या मिला योगी के दूसरे बजट मेंयोगी ने आज पेश किया बजट।

योगी सरकार ने आज अपना दूसरा बजट पेश किया। आज जो बजट पेश किया गया वह 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपये का है, जो वर्ष 2017-2018 के बजट के मुकाबले 11.4 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में 14 हजार 341 करोड़ 89 लाख रुपये की नई योजनायें शामिल की गई हैं।

इस बार के बजट में वर्ष 2018-19 में खाद्य उत्पादन का लक्ष्य 581 लाख 60 हजार मीट्रिक टन तथा तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 11 लाख 28 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष में 05 हजार तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सोलर फोटो वोल्टाइक इरीगेशन पम्पों की स्थापना के लिये 131 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

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'स्प्रिंकलर सिंचाई योजना' के अन्तर्गत किसानों को सब्सिडी के लिए 24 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके साथ ही शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए 01 लाख 65 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 80 लाख कुंटल उन्नतिशील गन्ना बीज गन्ना कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा।

जानिए और क्या-क्या है इस बजट में

  • प्रदेश में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2017 लागू की गई है। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन के क्रियान्वयन हेतु 42 करोड़ 49 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण की योजना हेतु 100 करोड़ रुपएकी व्यवस्था की गई है।
  • प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण के लिए 31 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • किसानों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पं. दीन दयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • विकास खण्डों में पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेले के आयोजन हेतु 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य तथा रोग नियंत्रण कार्यक्रम हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश में 770 सचल पशु चिकित्सालय संचालित किये जा रहें हैं, जिससे पशु आरोग्य व नस्ल में सुधार अपेक्षित है। इसके लिये 27 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • डेयरी विकास फण्ड की स्थापना के लिये 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • दुग्ध मूल्य भुगतान डीबीटी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया आरम्भ की गई है।
  • देशी नस्ल की गायों के माध्यम से सर्वाधिक गौ दुग्ध उत्पादन करने वाले दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने हेतु नई 'नन्द बाबा पुरस्कार योजना' हेतु 52 लाख का प्राविधान साथ ही 'गोकुल पुरस्कार' के लिए 54 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • मछुआरों के कल्याण के लिये मत्स्य पालक कल्याण फण्ड की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • ब्लू रिवोल्यूशन इन्टीग्रेटेड डेवलपमेन्ट एण्ड मैनेजमेंट फार फिशरीज योजना के अन्तर्गत 20 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए वर्ष 2018-19 के बजट में 11 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत लगभग 01 हजार 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन के लिए 214 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • वर्ष 2018-19 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए एक हजार 500 करोड़ रुपये और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिये 120 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के लिये वर्ष 2018-19 में 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना में उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिये 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान एवं अन्य सभी मत, पंथ एवं मजहब के स्थलों के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • निः शुल्क बोरिंग योजना के लिये 36 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • औद्योगिक निवेश नीति-2012 के लिये 600 करोड़ रुपये तथा नई औद्योगिक नीति हेतु 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रारम्भिक कार्य हेतु वर्ष 2018-19 के बजट में 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रारम्भिक कार्यों के लिए बजट में 550 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपये तथा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • एक जनपद एक उत्पाद योजना को क्रियान्वित किये जाने हेतु 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • उत्तर प्रदेश हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल्स एण्ड गारमेंटिंग नीति-2017 हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पावरलूम बुनकरों को रियायती दरों पर बिजली देने के लिये 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • खादी एवं ग्रामोद्योग विकास तथा सतत् स्वरोजगार प्रोत्साहन नीति के क्रियान्वयन के लिये 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग रोजगार योजना के क्रियान्वन के लिये 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पं. दीन दयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के लिये 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • समस्त शासकीय कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • स्टार्ट-अप फण्ड की स्थापना के लिये 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पीपीपी मोड पर 170 नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किये जाने का निर्णय लिया गया है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 100 नये आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
  • प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के लिये 291 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-3 के अन्तर्गत 04 मेडिकल कालेजों यथा-झांसी, गोरखपुर, इलाहाबाद तथा मेरठ में उच्चीकृत सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जा रहे हैं तथा 02 मेडिकल कॉलेजों कानपुर एवं आगरा में सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जाने हेतु कुल 126 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी को प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है।
  • केजीएमयू में आर्गन ट्रान्सप्लान्ट यूनिट स्थापित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • डा. राम मनोहर लोहिया इन्स्टीयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नवीन कैम्पस में 500 शैय्यायुक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कालेज का निर्माण कराया जायेगा।
  • प्रदेश के पांच जनपदों के जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज के रूप में पूर्ण करने के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर नोयडा में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एमबीबीएस की 100 सीटों पर पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जायेगा।
  • राजकीय मेडिकल कालेज कानपुर, गोरखपुर, आगरा और इलाहाबाद में बर्न यूनिट की स्थापना के लिये 14 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राजकीय मेडिकल कालेजों एवं संस्थानों में फायर फाइटिंग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • जन एवं वनवासी केन्द्रित राज्य वन नीति-2017 का प्रख्यापन।
  • सब मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा कुकरैल वन क्षेत्र में पर्यटन एवं जैव विविधता केन्द्र की स्थापना प्रस्तावित है।
  • प्रदेश में भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण हेतु 42 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • आम आदमी बीमा योजना के लिए 10 करोड़ रुपये, 'प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' के लिए 130 करोड़ 60 लाख रुपए तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लिए 4 करोड़ 75 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश में आपदा प्रबंधन के वित्त पोषण हेतु आपदा मोचन निधि में 777 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • रबी खरीद वर्ष 2018-19 में 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का कार्यकारी लक्ष्य रखा गया है।
  • गेहूं खरीदने के लिए कुल 05 हजार 500 क्रय केन्द्र खोले जाएंगे।
  • प्रदेश में सड़कों के निर्माण कार्यों के लिए 11 हजार 343 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • पुलों के निर्माण के लिये एक हजार 817 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • मार्गों के नवीनीकरण, अनुरक्षण एवं मरम्मत कार्य के लिए 3 हजार 324 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • 'आर0आई0डी0एफ0' योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में मार्गों के नव निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा सेतुओं के निर्माण हेतु 920 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के अन्तर्गत पूर्वांचल की विशेष परियोजनाओं हेतु 300 करोड़ रुपये तथा बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं के लिये 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • सड़कों के अनुरक्षण के लिए राज्य सड़क निधि में एक हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • 'केन्द्रीय मार्ग निधि योजना' के अन्तर्गत मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए दो हजार 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़कों से जोड़े जाने के लिए एक हजार 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • शहरों के बाईपास, रिंग रोड, फ्लाईओवर के निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • ग्रामीण अंचलों में नदियों एवं बड़े नालों पर पुलों के निर्माण के लिए एक हजार 467 करोड़ रुपये तथा रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • ग्राम्य विकास विभाग के बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2018-2019 में दो हजार 873 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
  • सरयू नहर परियोजना के लिए एक हजार 614 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 741 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • मध्य गंगा नहर परियोजना हेतु एक हजार 701 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • बाण सागर परियोजना के लिए 127 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • बाढ़ एवं जल प्लावन से बचाव के लिए तटबंध निर्माण, कटाव निरोधक कार्य एवं जल निकासी की विभिन्न परियोजनाओं हेतु 1004 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • भारत सरकार की सौभाग्य योजना प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही है जिसके अन्तर्गत लगभग डेढ़ करोड़ परिवारों को मार्च, 2019 तक विद्युत संयोजन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए वर्ष 2018-2019 में 29 हजार 883 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • 'सौर ऊर्जा नीति-2017' में निजी सहभागिता से 2022 तक कुल 10 हजार 700 मेगावाट क्षमता की सौर विद्युत परियोजनायें स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • निजी आवासों पर ग्रिड संयोजित रूफटॉप सोलर पॉवर प्लाण्ट स्थापना के लिए अनुदान योजना के लिये 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पं. दीन दयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ कॉरिडोर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश में मेट्रो परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • लखनऊ सहित प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के विकास क्षेत्र तथा नगर क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के नए कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • कुम्भ मेला 2019 के लिए बजट में एक हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में बजट में 240 करोड़ रुपये की बजट प्रस्तावित है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना- सबके लिए आवास (शहरी) मिशन योजना के लिए वर्ष 2018-2019 में दो हजार 217 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, अलीगढ़, झाँसी, मुरादाबाद, बरेली तथा सहारनपुर हेतु स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अन्तर्गत एक हजार 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • स्वच्छ भारत मिशन के लिए एक हजार एक सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • अमृत योजना के लिए दो हजार 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • प्रत्येक जनपद में एक नगर पंचायत को विकसित किये जाने के उद्देश्य से पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • कान्हा गौ-शाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए बजट में 98 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 'मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना' के अन्तर्गत मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के सृजन के लिए 426 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • बार्डर एरिया डेवलपमेन्ट कार्यक्रम के लिए लगभग 57 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • विकास कार्यों को त्वरित गति से क्रियान्वित करने के लिए त्वरित आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत एक हजार एक सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 18 हजार 167 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • कक्षा-1 से 8 तक के सभी बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं यूनीफॉर्म हेतु बजट में क्रमशः 76 करोड़ रुपये एवं 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • मध्याह्न भोजना योजना हेतु 2 हजार 48 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। इसके अतिरिक्त छात्र तथा छात्राओं को फल वितरित किये जाने हेतु 167 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर, पेयजल, बिजली, चहारदीवारी का निर्माण किये जाने हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने हेतु माध्यमिक शिक्षा अभियान हेतु 480 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालयों के संचालन हेतु 26 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान हेतु 167 करोड़ रुपये एवं मॉडल महाविद्यालयों की स्थापना हेतु 37 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • अहिल्याबाई निशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना तथा पूर्व से निर्माणाधीन महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों को पूर्ण किए जाने हेतु 106 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • रूसा योजना के अन्तर्गत जनपद गोण्डा एवं बस्ती में दो इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना की जा रही है, जिसके लिये 14 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • जनपद कन्नौज, सोनभद्र तथा मैनपुरी में इंजीनियरिंग कॉलेजों के संचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2018-2019 में लगभग 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राज्य के संसाधनों से मिर्जापुर तथा प्रतापगढ़ में नये इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिसके लिये 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • महिला एवं बाल कल्याण के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए लगभग आठ हजार 815 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • किशोरी बालिका सशक्तीकरण योजना सबला के लिए लगभग 351 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं में पोषाहार हेतु तीन हजार 780 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • शबरी संकल्प योजना के लिए 524 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत निराश्रित विधवाओं के भरण-पोषण अनुदान हेतु एक हजार 263 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • सामान्य वर्ग एवं अनुसूचित जातियों के कल्याण एवं विकास की योजनाओं के लिए लगभग 7 हजार 858 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले सभी वर्गों के परिवारों की पुत्रियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिये 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • अनुसूचित जाति तथा सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों की पुत्रियों की शादी के लिए क्रमशः 121 करोड़ रुपये व 82 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित स्वरोजगार योजनाओं हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था एवं किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत दो हजार 560 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • अनुसूचित जाति के युवाओं हेतु राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के संचालन के लिये 66 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पिछड़ा वर्ग कल्याण की योजनाओं के लिए एक हजार 705 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पिछड़े वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
  • पिछड़े वर्ग के छात्र एवं छात्राओं के लिये शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत 551 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • प्रदेश में अल्पसंख्यकों के विकास एवं कल्याण की योजनाओं के लिए दो हजार 757 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • अरबी-फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना के लिए 404 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
  • अरबिया पाठशालाओं को अनुदान के लिए लगभग 486 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • स्थायी मान्यता प्राप्त आलिया स्तर के 246 अरबी-फारसी मदरसों को अनुदान हेतु 215 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • कृत्रिम अंग तथा सहायक उपकरण योजना के अन्तर्गत 33 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • कुष्ठावस्था भरण-पोषण (पेंशन) योजना के अंतर्गत 18 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • दिव्यांगजन को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 32 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • विभिन्न स्पोर्ट्स कॉलेजों तथा स्टेडियमों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग 74 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रेरित करने हेतु राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार के लिए तीन करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश के कारागारों में सोलर एनर्जी आधारित पावर प्लाण्ट तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरूआती तीन वर्षों के लिए पुस्तक एवं पत्रिकाएं खरीदने हेतु आर्थिक सहायता दिये जाने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • कैलाश मानसरोवर भवन, गाजियाबाद के निर्माण के लिये 94 करोड़ 26 लाख रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • ब्रज परिक्षेत्र में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना की गई है तथा वहां पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • ब्रज परिक्षेत्र में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना की गई है तथा वहां पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न महोत्सवों एवं आयोजनों हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • गोरखपुर में आधुनिक प्रेक्षागृह के निर्माण हेतु 29 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित।
  • विधान भवन एवं सचिवालय की आंतरिक सुरक्षा हेतु 13 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्धित कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 71 हजार 500 करोड़ रुपये निर्धारित है।
  • आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 23 हजार करोड़ रुपये निर्धारित है।
  • स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपये निर्धारित है।
  • वाहन कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 7 हजार 400 करोड़ रुपये निर्धारित।

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