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बैंगन की फ़सल को कीटों से बचाएगा नया जैविक कीटनाशक
बैंगन की फ़सल को कीटों से बचाएगा नया जैविक कीटनाशक

By India Science Wire

बैंगन में अक्सर कीट लगने की शिकायत रहती है। किसानों के तमाम जतन के बाद भी ये समस्या कम नहीं होती है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसा रास्ता ख़ोज निकाला है जो न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि किसानों के लिए आसान भी।

बैंगन में अक्सर कीट लगने की शिकायत रहती है। किसानों के तमाम जतन के बाद भी ये समस्या कम नहीं होती है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसा रास्ता ख़ोज निकाला है जो न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि किसानों के लिए आसान भी।

शुरुआत में ही हृदय रोग की टोह देने वाला नया उपकरण
शुरुआत में ही हृदय रोग की टोह देने वाला नया उपकरण

By India Science Wire

विशेषज्ञों के अनुसार आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित इस उपकरण को अब पांच हजार से ज्यादा लोगों का परीक्षण किया गया है, साथ ही भारत के साथ ही नीदरलैंड के कई अस्पतालों में इसका उपयोग किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित इस उपकरण को अब पांच हजार से ज्यादा लोगों का परीक्षण किया गया है, साथ ही भारत के साथ ही नीदरलैंड के कई अस्पतालों में इसका उपयोग किया जा रहा है।

मेघालय में मिली मेंढक की नई प्रजाति
मेघालय में मिली मेंढक की नई प्रजाति

By India Science Wire

मेंढक की नई प्रजाति का नाम प्राप्ति-स्थान सिजू गुफा के आधार पर अमोलॉप्स सिजू रखा गया है। शोधकर्ता बताते हैं कि मेंढक का रूप-रंग, गुफा के अनूठे पारिस्थितिक तंत्र के अनुरूप विशिष्ट प्रकृति का है।

मेंढक की नई प्रजाति का नाम प्राप्ति-स्थान सिजू गुफा के आधार पर अमोलॉप्स सिजू रखा गया है। शोधकर्ता बताते हैं कि मेंढक का रूप-रंग, गुफा के अनूठे पारिस्थितिक तंत्र के अनुरूप विशिष्ट प्रकृति का है।

फल उत्पादकों की मुश्किलें होंगी आसान; नया सेंसर बताएगा कितने पके हैं फल
फल उत्पादकों की मुश्किलें होंगी आसान; नया सेंसर बताएगा कितने पके हैं फल

By India Science Wire

फलों की फसल काटने या फिर परिवहन का काम हो, इस सेंसर से आसान हो जाएगा। यह सिस्टम सस्ता है और विशेष रूप से महंगे फलों को दूर-दूर तक भेजने में बहुत उपयोगी भूमिका निभा सकता है।

फलों की फसल काटने या फिर परिवहन का काम हो, इस सेंसर से आसान हो जाएगा। यह सिस्टम सस्ता है और विशेष रूप से महंगे फलों को दूर-दूर तक भेजने में बहुत उपयोगी भूमिका निभा सकता है।

चाय बागान को नुकसान पहुंचाने वाले दुश्मन कीटों के विरुद्ध नया जैविक अस्त्र
चाय बागान को नुकसान पहुंचाने वाले दुश्मन कीटों के विरुद्ध नया जैविक अस्त्र

By India Science Wire

चाय पर दुनिया के सबसे पुराने शोध केंद्रों में शुमार टोकलाई चाय अनुसंधान संस्थान ने हाल ही में संस्थान के प्रायोगिक उद्यानों में से एक में विशिष्ट मित्र कीटों का एक झुंड छोड़ा है। ये कीट लूपर और चाय के मच्छर जैसे हानिकारक कीटों को अपना शिकार बनाते हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में चाय की झाड़ी का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है।

चाय पर दुनिया के सबसे पुराने शोध केंद्रों में शुमार टोकलाई चाय अनुसंधान संस्थान ने हाल ही में संस्थान के प्रायोगिक उद्यानों में से एक में विशिष्ट मित्र कीटों का एक झुंड छोड़ा है। ये कीट लूपर और चाय के मच्छर जैसे हानिकारक कीटों को अपना शिकार बनाते हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में चाय की झाड़ी का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है।

इस नई तकनीक से 30 सेकंड में हो जाएगी दूध में मिलावट का जानकारी
इस नई तकनीक से 30 सेकंड में हो जाएगी दूध में मिलावट का जानकारी

By India Science Wire

आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने 3डी पेपर के उपयोग से यह एक पोर्टेबल उपकरण बनाया है, जो महज 30 सेकंड के भीतर दूध में मिलावट का पता लगा सकता है।

आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने 3डी पेपर के उपयोग से यह एक पोर्टेबल उपकरण बनाया है, जो महज 30 सेकंड के भीतर दूध में मिलावट का पता लगा सकता है।

मिट्टी और जलवायु पर हो रहा पशुओं की एंटीबायोटिक दवाओं का असर
मिट्टी और जलवायु पर हो रहा पशुओं की एंटीबायोटिक दवाओं का असर

By India Science Wire

हिमालय के स्पीति क्षेत्र में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) के सेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने पाया है कि शाकाहारी वन्यजीवों द्वारा घास के मैदानों में चराई की तुलना में पालतू पशुओं द्वारा चरने से मिट्टी में कार्बन का भंडारण कम होता है। पशुओं की टेट्रासाइक्लिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है।

हिमालय के स्पीति क्षेत्र में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) के सेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने पाया है कि शाकाहारी वन्यजीवों द्वारा घास के मैदानों में चराई की तुलना में पालतू पशुओं द्वारा चरने से मिट्टी में कार्बन का भंडारण कम होता है। पशुओं की टेट्रासाइक्लिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है।

ओडिशा के जनजातीय क्षेत्र में मिली पौष्टिक रागी की नई किस्में
ओडिशा के जनजातीय क्षेत्र में मिली पौष्टिक रागी की नई किस्में

By India Science Wire

शोधकर्ताओं का कहना है कि रागी की ये बहुमूल्य किस्में स्थानीय समुदाय की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं, और इनके उच्च उपज गुणों का उपयोग नई किस्मों के विकास में हो सकता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि रागी की ये बहुमूल्य किस्में स्थानीय समुदाय की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं, और इनके उच्च उपज गुणों का उपयोग नई किस्मों के विकास में हो सकता है।

वैज्ञानिकों के इस शोध से किया सकता है देसी गाय की नस्लों में प्रजनन संबंधित सुधार
वैज्ञानिकों के इस शोध से किया सकता है देसी गाय की नस्लों में प्रजनन संबंधित सुधार

By India Science Wire

आईआईएसईआर, भोपाल के शोधकर्ताओं ने भारतीय देसी गाय की नस्लों के जीनोम को पढ़ने और समझने के लिए कई नई तकनीकों का उपयोग किया है। ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि ये गायें भारतीय जलवायु परिस्थितियों के साथ कैसे अनुकूलन स्थापित करती हैं।

आईआईएसईआर, भोपाल के शोधकर्ताओं ने भारतीय देसी गाय की नस्लों के जीनोम को पढ़ने और समझने के लिए कई नई तकनीकों का उपयोग किया है। ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि ये गायें भारतीय जलवायु परिस्थितियों के साथ कैसे अनुकूलन स्थापित करती हैं।

सुदूर अरुणाचल में अध्ययनकर्ताओं को मिला दुर्लभ गवैया पक्षी
सुदूर अरुणाचल में अध्ययनकर्ताओं को मिला दुर्लभ गवैया पक्षी

By India Science Wire

अभियान में मिले पक्षी की किसी भी ज्ञात प्रजाति से इसके पंखों एवं गीतों का संयोजन मेल नहीं खाता। अध्ययनकर्ताओं का मानना है रेन बैबलर पक्षी की यह कम से कम एक उप-प्रजाति या फिर नई प्रजाति हो सकती है।

अभियान में मिले पक्षी की किसी भी ज्ञात प्रजाति से इसके पंखों एवं गीतों का संयोजन मेल नहीं खाता। अध्ययनकर्ताओं का मानना है रेन बैबलर पक्षी की यह कम से कम एक उप-प्रजाति या फिर नई प्रजाति हो सकती है।

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