Pushpendra Singh

GUEST

Pushpendra Singh

    Teacher’s Diary: Creating a cadre of eco-guardians which surveys local environment
    Teacher’s Diary: Creating a cadre of eco-guardians which surveys local environment

    By Pushpendra Singh

    In Uttar Pradesh’s Hathras district, a science teacher, in his bid to raise awareness on environment protection, has formed a group of students who survey their locality and make an assessment about the possible measures that can be taken to improve the local ecology. Details here.

    In Uttar Pradesh’s Hathras district, a science teacher, in his bid to raise awareness on environment protection, has formed a group of students who survey their locality and make an assessment about the possible measures that can be taken to improve the local ecology. Details here.

    'ग्रामीण भारत और किसानों से सरोकार रखने वाले मंत्रालयों को बजट में क्या मिला?'
    'ग्रामीण भारत और किसानों से सरोकार रखने वाले मंत्रालयों को बजट में क्या मिला?'

    By Pushpendra Singh

    किसानों और ग्रामीण भारत से सरोकार रखने वाले मंत्रालयों- कृषि मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग व मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय से करोड़ों लोगों की उम्मीद जुड़ी होती है, ऐसे में इस बार वित्त मंत्री ने इस बार इनके लिए क्या नया किया है?

    किसानों और ग्रामीण भारत से सरोकार रखने वाले मंत्रालयों- कृषि मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग व मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय से करोड़ों लोगों की उम्मीद जुड़ी होती है, ऐसे में इस बार वित्त मंत्री ने इस बार इनके लिए क्या नया किया है?

    संवाद: 'एमएसपी की गारंटी देने में नहीं है कोई आर्थिक या वैधानिक अड़चन'
    संवाद: 'एमएसपी की गारंटी देने में नहीं है कोई आर्थिक या वैधानिक अड़चन'

    By Pushpendra Singh

    देशभर में इस वक्त MSP यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुद्दा छाया हुआ है। किसान और कृषि के समर्थक एमएसपी की गारंटी के पक्षधर हैं तो एक वर्ग इसे व्यवहारिक नहीं बता रहा है, उनका कहना है इससे अतिरिक्त बोझ पड़ेगा लेकिन क्या ऐसा है? एमएसपी की गारंटी में आर्थिक और वैधानिक पहलुओं पर चौधरी पुष्पेंद्र सिंह का लेख

    देशभर में इस वक्त MSP यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुद्दा छाया हुआ है। किसान और कृषि के समर्थक एमएसपी की गारंटी के पक्षधर हैं तो एक वर्ग इसे व्यवहारिक नहीं बता रहा है, उनका कहना है इससे अतिरिक्त बोझ पड़ेगा लेकिन क्या ऐसा है? एमएसपी की गारंटी में आर्थिक और वैधानिक पहलुओं पर चौधरी पुष्पेंद्र सिंह का लेख

    'निजी क्षेत्र में भी एमएसपी को वैधानिक रूप से बाध्यकारी बनाएं'
    'निजी क्षेत्र में भी एमएसपी को वैधानिक रूप से बाध्यकारी बनाएं'

    By Pushpendra Singh

    तमाम दावों के बावजूद किसानों की आशंकाओं को दूर करने में सरकार अब तक असफल रही है। किसानों का कहना है कि वर्तमान मंडी और एमएसपी पर फसलों की सरकारी क्रय की व्यवस्था इन सुधारों के कारण किसी भी तरह से कमज़ोर ना पड़े। अभी मंडियों में फसलों की खरीद पर 8.5 प्रतिशत तक टैक्स लगाया जा रहा है परन्तु नई व्यवस्था में मंडियों के बाहर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

    तमाम दावों के बावजूद किसानों की आशंकाओं को दूर करने में सरकार अब तक असफल रही है। किसानों का कहना है कि वर्तमान मंडी और एमएसपी पर फसलों की सरकारी क्रय की व्यवस्था इन सुधारों के कारण किसी भी तरह से कमज़ोर ना पड़े। अभी मंडियों में फसलों की खरीद पर 8.5 प्रतिशत तक टैक्स लगाया जा रहा है परन्तु नई व्यवस्था में मंडियों के बाहर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

    'कृषि सुधारों के साथ-साथ एमएसपी व मंडी व्यवस्था को और मजबूत करे सरकार'
    'कृषि सुधारों के साथ-साथ एमएसपी व मंडी व्यवस्था को और मजबूत करे सरकार'

    By Pushpendra Singh

    मंडी में पहुंचने के बाद सही मूल्य ना मिलने पर भी किसान फसल बेचने को मजबूर होता था क्योंकि वापसी का भाड़ा देना और नुकसानदायक होता। यदि फसल फल, सब्जी या अन्य खराब होने वाली उपज हो तो मंडी पहुंचने के बाद उसे किसी भी मूल्य पर बेचने की मजबूरी होती है।

    मंडी में पहुंचने के बाद सही मूल्य ना मिलने पर भी किसान फसल बेचने को मजबूर होता था क्योंकि वापसी का भाड़ा देना और नुकसानदायक होता। यदि फसल फल, सब्जी या अन्य खराब होने वाली उपज हो तो मंडी पहुंचने के बाद उसे किसी भी मूल्य पर बेचने की मजबूरी होती है।

    दूध पाउडर आयात करने का निर्णय किसानों के लिए घातक
    दूध पाउडर आयात करने का निर्णय किसानों के लिए घातक

    By Pushpendra Singh

    भारत 18.5 करोड़ टन वार्षिक दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व में प्रथम स्थान पर है और दूध के विषय में आत्मनिर्भर है। यदि दूध समेत पशुपालन से होने वाली सम्पूर्ण आमदनी का आंकलन करें तो लगभग 30 लाख करोड़ रुपये की कृषि जीडीपी में दूध और पशुपालन क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 30% है।

    भारत 18.5 करोड़ टन वार्षिक दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व में प्रथम स्थान पर है और दूध के विषय में आत्मनिर्भर है। यदि दूध समेत पशुपालन से होने वाली सम्पूर्ण आमदनी का आंकलन करें तो लगभग 30 लाख करोड़ रुपये की कृषि जीडीपी में दूध और पशुपालन क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 30% है।

    आर्थिक पैकेज में गांव, गरीब, किसान, मज़दूर को क्या मिला?
    आर्थिक पैकेज में गांव, गरीब, किसान, मज़दूर को क्या मिला?

    By Pushpendra Singh

    कोरोना संकट से लड़ने के लिए केन्द्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में किसानों, गरीबों, प्रवासी मज़दूरों, श्रमिकों व अन्य कमज़ोर वर्ग के लोगों का विशेष ध्यान रखने के दावे किए गए हैं। इस पैकेज के माध्यम से मंद पड़ती अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने का दावा किया गया है।

    कोरोना संकट से लड़ने के लिए केन्द्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में किसानों, गरीबों, प्रवासी मज़दूरों, श्रमिकों व अन्य कमज़ोर वर्ग के लोगों का विशेष ध्यान रखने के दावे किए गए हैं। इस पैकेज के माध्यम से मंद पड़ती अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने का दावा किया गया है।

    'कोरोना संकट से चीनी की मांग घटी, इस वर्ष गन्ने का रकबा कम करना किसान हित में होगा'
    'कोरोना संकट से चीनी की मांग घटी, इस वर्ष गन्ने का रकबा कम करना किसान हित में होगा'

    By Pushpendra Singh

    'कोरोना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे बचाएं'
    'कोरोना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे बचाएं'

    By Pushpendra Singh

    'कोरोना वायरस से ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी होगी धराशायी'
    'कोरोना वायरस से ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी होगी धराशायी'

    By Pushpendra Singh